रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
- अग्रवाल धर्मशाला से लेकर प्राचीन काली मंदिर और कैलाश मंदिर तक भव्य झांकियां तैयार; हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर
चोपन (सोनभद्र)। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की गूंज से समूचा चोपन अंचल भक्तिरस से सराबोर हो उठा है। नगर के हृदयस्थल से लेकर ग्रामीण अंचलों तक कान्हा के स्वागत की तैयारियां अपने अंतिम मुकाम पर हैं। हर ओर माखनचोर के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह, आस्था और उल्लास देखते ही बन रहा है।
रंग-बिरंगी झालरों की झिलमिलाती दूधिया रोशनी, मनमोहक फूलों की महक और बाल-गोपाल के सजते हिंडोलों से समूचा इलाका ब्रजधाम सा नजर आने लगा है।
मंदिरों में भव्य साज-सज्जा और जीवंत झांकियों का आकर्षण
नगर स्थित अग्रवाल धर्मशाला और दुर्गा मंदिर में इस बार विशेष आकर्षण देखने को मिलेगा। यहां भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोवर्धन पर्वत उठाने और कालिया नाग दमन जैसी अलौकिक घटनाओं पर आधारित मनमोहक सजीव झांकियां सजाई गई हैं।
प्राचीन काली मंदिर: प्राचीन आस्था का केंद्र काली मंदिर आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों की मालाओं से दुल्हन की तरह सजाया गया है। यहां आधी रात को जन्मोत्सव के साथ महाआरती की विशेष व्यवस्था है।
हाईहील कॉलोनी व कैलाश गौरीशंकर मंदिर: हाईहील कॉलोनी में स्थानीय निवासियों और युवाओं की टोलियां आकर्षक पंडाल व पालने तैयार करने में जुटी रहीं। वहीं, कैलाश मंदिर परिसर में भी भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
चोपन थाना परिसर: चोपन थाना परिसर में पारंपरिक उल्लास के साथ जन्माष्टमी पर्व को भव्य रूप देने के लिए रंग-रोगन और साज-सज्जा का काम पूरा कर लिया गया है।
ग्रामीण अंचल: नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी मंदिर और पूजा पंडाल घंटे-घड़ियाल और शंखध्वनि के साथ गूंजने को पूरी तरह तैयार हैं।
सुरक्षा का चाक-चौबंद घेरा, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहेगी खाकी
त्योहार के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और संवेदनशील माहौल को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक श्री गोपाल जी गुप्ता के नेतृत्व में सुरक्षा का पुख्ता खाका खींचा गया है।
“जन्माष्टमी पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों, प्रमुख मंदिरों और प्रमुख चौराहों पर व्यापक पैमाने पर अतिरिक्त पुलिस बल, महिला आरक्षी और सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती की गई है। किसी भी प्रकार की अराजकता, छेड़खानी या हुड़दंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई होगी।”
— गोपाल जी गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक, चोपन
यातायात और पार्किंग पर विशेष नजर
भीड़ नियंत्रण के लिए नगर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन की व्यवस्था पर भी काम किया गया है, ताकि दर्शनार्थियों को जाम या असुविधा का सामना न करना पड़े। अर्धरात्रि 12 बजे जैसे ही भगवान कान्हा का जन्म होगा, पूरा चोपन शंखनाद, घंटियों की गूंज और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठेगा।














