*मानकों से समझौता कर स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई : जिलाधिकारी*
*सभी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं नैदानिक संस्थानों का निर्धारित मानकों के अनुरूप पंजीकरण अनिवार्य*
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*जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण की बैठक में आवेदनों की समीक्षा*
एटा ! जनपद में आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं मानकानुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010 के अंतर्गत गठित जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण की बैठक जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं अन्य नैदानिक संस्थानों का पंजीकरण निर्धारित अधिनियम एवं शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नैदानिक संस्थानों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 50 शैय्या से अधिक एवं 50 शैय्या से कम क्षमता वाले चिकित्सालयों एवं नर्सिंग होम के पंजीकरण संबंधी आवेदनों का निर्धारित मानकों के अनुरूप गहन परीक्षण किया जाए। संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाएं, योग्य चिकित्सक एवं मानव संसाधन, आवश्यक उपकरण, भवन संबंधी व्यवस्थाएं, अग्नि एवं सुरक्षा मानक सहित अन्य आवश्यक बिंदुओं का गंभीरता से परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक नैदानिक संस्थान की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित संस्थान को निर्धारित समयावधि में कमियों को दूर करने के निर्देश दिए जाएं तथा अनुपालन न करने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बैठक में प्राप्त आवेदनों एवं निरीक्षण आख्या के आधार पर संस्थानों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन चिकित्सालयों एवं नैदानिक संस्थानों द्वारा निर्धारित मानकों एवं आवश्यक अभिलेखों की पूर्ति कर ली गई, उनके पंजीकरण की संस्तुति जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण द्वारा की गई। वहीं निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में कमियां पाई गईं, उन्हें आवश्यक त्रुटियों एवं कमियों का निराकरण कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने हेतु समय प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण, नवीनीकरण एवं नियमित निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी नैदानिक संस्थान निर्धारित मानकों की अनदेखी कर आमजन के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न कर सके। उन्होंने कहा कि पारदर्शी एवं समयबद्ध पंजीकरण व्यवस्था से जहां स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, वहीं संस्थानों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश मौर्य, आईएमए सदस्य डॉ. अनुराग प्रकाश तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी (क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट) डॉ. राममोहन तिवारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।












