कला एवं साहित्य की भिन्न-भिन्न विधाओं के चार कला गुरुओं को सम्मानित किया, रिपोर्ट निशा कांत शर्मा

कला एवं साहित्य को समर्पित अंतरराष्ट्रीय संस्था संस्कार भारती की एटा शाखा ने कला गुरु सम्मान समारोह में कला एवं साहित्य की भिन्न-भिन्न विधाओं के चार कला गुरुओं को सम्मानित किया। यह आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, रेलवे रोड, एटा के डॉ. पी.के .जैन सभागार में संपन्न हुआ। प्रांतीय संरक्षक आचार्य डॉ. प्रेमी राम मिश्र के साथ सभी कला गुरुओं ने सर्व प्रथम नटराज पूजन किया। डॉ ओम ऋषि भारद्वाज द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। आचार्य श्याम सुंदर शुक्ल के साथ सभी ने संस्कार भारती के दिए ध्येय गीत-साधयति संस्कार भारती भारते नव जीवनम्-का गायन किया। सम्मान समारोह में लोक कला विधा की सुप्रसिद्ध प्रतिभा डॉ राकेश चंद्र सिंह, कला धरोहर के क्षेत्र में उल्लेखनीय उल्लेखनीय योगदान देने वाले महेश चंद्र, संगीत विधा के सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ डॉ राम कृष्ण मिश्र एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, एटा की पूर्व प्राचार्य डॉ सुनीता सक्सेना को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी को शॉल, पटका, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, तुलसी का पौधा के साथ में आचार्य डॉ.प्रेमी राम मिश्र द्वारा लिखित काव्य कृति ‘ जीवन पाथेय’ भेंट की गई। डॉ.राकेश चंद्र सिंह एवं डॉ रामकृष्ण मिश्र ने अपनी अपनी विधा की प्रस्तुतियों से सभी को मुग्ध कर दिया।

 

इस अवसर परप्रथम परमार एवं अखंड प्रताप सिंह चौहान की जोड़ी के बांसुरी विदन ने वातावरण को ब्रजमय बना दिया। संगीत विधा में प्रवीण प्रिंस कुमार की दादरा राग की प्रस्तुति ने श्रोताओं को सम्मोहित कर दिया। बाल कलाकार युवांश पाठक ने भी सभी की प्रशंसा अर्जित की।

कार्यक्रम अध्यक्ष श्री उद्बोधन में आचार्य प्रेमीराम मिश्र ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा के अच्छे गुरु ही समाज में मार्गदर्शक का कार्य करते हैं। राष्ट्र के निर्माण में उनका विशेष योगदान रहता है। उन्होंने बच्चों में सत्संस्कार जागृत करने पर विशेष बल दिया। 05 वर्ष की उम्र से पहले बच्चों को शिक्षा से अधिक संस्कार की आवश्यकता होती है।

 

कला गुरु सम्मान कार्यक्रम से पूर्व संस्कार भारती एटा ब्रज प्रांत की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। जिसमें डॉ सुधीर पालीवाल जिला अध्यक्ष, विनय प्रताप सिंह चौहान जिला महामंत्री, डॉ सोनम गुप्ता जिला कोषाध्यक्ष, डॉ ओम ऋषि भारद्वाज साहित्य कला विभाग संयोजक, पुनीता यादव दृश्य कला विभाग संयोजक, कीर्ति सिंह परमार मंचीय कला विभाग संयोजक, अमरेश चंद्र लोक कला विभाग संयोजक एवं महेश मंजुल को कला धरोहर विभाग संयोजक नामित किया गया।

 

अंत में संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष डॉ सुधीर पालीवाल ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रांतीय मंत्री मयंक तिवारी ने किया

 

कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक वीरेंद्र वार्ष्णेय , प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप तोमर, जिला संरक्षक अनूप सिंह भावुक, अशोक सिंह चौहान, दिनेश प्रताप सिंह चौहान, रवीन्द्र शर्मा एडवोकेट, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश मिश्र, संजीव गोयल, राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त शिक्षक मुनीश यादव, डॉ राकेश मधुकर, कविवर बलराम सरस, राजकुमारी सीमा वार्ष्णेय, संजय शर्मा, प्रेमबाबू कुशवाह, विकास सक्सेना एडवोकेट, रजनीकांत शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, विनय चौहान, पद्मेंद्र वार्ष्णेय, राजकुमार पाराशर, अभिषेक पाराशर, दीपेंद्र सिंह, कृष्ण औतार तिवारी, प्रवेश बघेल, अभिषेक पाराशर एड, दीपेंद्र सिंह, डा.ओमेंद्र प्रताप, उपेंद्र सिंह, विवेक यादव, प्रशांत कुमार, पुनीता यादव, आकांक्षा पाठक, घनिष्ठा शर्मा, तूलिका सक्सेना, अवनीश कुमारी, शालिनी पचौरी आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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