आगरा में बारिश का कहर, बेलनगंज में भरभराकर गिरा जर्जर दोमंजिला मकान, हादसा टला खंडहर में तब्दील दो मंजिला भवन, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*आगरा में बारिश का कहर, बेलनगंज में भरभराकर गिरा जर्जर दोमंजिला मकान, हादसा टला खंडहर में तब्दील दो मंजिला भवन*

 

आगरा। लगातार हो रही बारिश अब शहर की पुरानी और जर्जर इमारतों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। पिछले करीब 72 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच शुक्रवार दोपहर बाद पुराने आगरा के बेलनगंज क्षेत्र में वर्षों पुराना जर्जर दोमंजिला मकान भरभराकर ढह गया। मकान के नीचे दुकानें बनी हुई थीं। गनीमत रही कि जिस वक्त इमारत गिरी, वहां कोई मौजूद नहीं था और बड़ा हादसा होने से टल गया। बताया जा रहा है कि यह मकान काफी समय से बंद पड़ा था और लंबे समय से जर्जर हालत में था। पिछले कई दिनों से मकान का कोई न कोई हिस्सा टूटकर गिर रहा था। लगातार बारिश के कारण इसकी हालत और कमजोर होती चली गई। शुक्रवार दोपहर अचानक पूरा दोमंजिला मकान मलबे में तब्दील हो गया।

जैसे ही जर्जर मकान भरभराकर गिरा, तेज आवाज से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अचानक मलबा गिरता देख आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। राहत की बात यह रही कि मकान पहले से बंद था और हादसे के समय उसके अंदर किसी व्यक्ति के मौजूद होने की सूचना नहीं है।आगरा में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ जगह सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में पुराने शहर की जर्जर इमारतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेलनगंज, सुभाष बाजार और पुराने आगरा के कई इलाकों में बड़ी संख्या में पुराने और जर्जर भवन मौजूद हैं। इनमें से कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन बारिश के मौसम में इनके अचानक गिरने का खतरा बना रहता है।

बेलनगंज में मकान गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। लोगों का कहना है कि शहर में कई ऐसी इमारतें हैं, जो बाहर से ही बेहद जर्जर नजर आती हैं। इसके बावजूद इन भवनों को लेकर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का आरोप है कि अगर जर्जर भवनों को चिह्नित कर समय रहते खाली कराया जाए और उनके मालिकों को नोटिस देकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। बारिश के दौरान जर्जर मकानों का खतरा और बढ़ जाता है, इसलिए संवेदनशील भवनों की तत्काल जांच की जरूरत है। बेलनगंज की घटना ने पिछले महीने हुए सुभाष बाजार हादसे की याद फिर ताजा कर दी। भारी बारिश के दौरान सुभाष बाजार में दोमंजिला इमारत नाले में समा गई थी। इस हादसे में पांच लोग मलबे में दब गए थे, जबकि एक महिला की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद शहर की जर्जर इमारतों को लेकर सवाल उठे थे। अब बेलनगंज में एक और पुराना मकान गिरने से लोगों में डर बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश अभी जारी है और अगर समय रहते खतरनाक हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर निगम बारिश के इस दौर में शहर की जर्जर इमारतों का सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित कराने की दिशा में तत्काल कदम उठाएगा, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा?

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