*पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को समयबद्ध रूप से ई-ट्राईसाइकिल योजना का लाभ दिलाएं : डीएम अरविंद सिंह* 
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*शिक्षण संस्थानों को पात्र छात्र-छात्राओं का विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश*
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*दिव्यांग विद्यार्थियों के आवागमन को सुगम बनाकर शिक्षा से जोड़ना शासन की प्राथमिकता*
*एटा, 21 जुलाई 2026 (सू०वि०)।* जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित ई-ट्राईसाइकिल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनपद के प्रभारी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्राचार्य राजकीय पॉलिटेक्निक तथा प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सहित सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने अधीन अध्ययनरत पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं का विवरण निर्धारित प्रारूप पर शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा 16 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के ऐसे दिव्यांग छात्र-छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, जो किसी विद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी अथवा प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत या प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। योजना का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों के आवागमन को सरल, सुरक्षित एवं सुगम बनाकर उन्हें शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण से प्रभावी रूप से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफीलिया सहित अन्य पात्र दिव्यांगता से प्रभावित ऐसे छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकेंगे, जो शारीरिक रूप से ई-ट्राईसाइकिल संचालित करने में सक्षम हों। आवेदक के पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी यूडीआईडी (दिव्यांगता प्रमाण-पत्र) होना अनिवार्य है। साथ ही आवेदक अथवा उसके परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। जिन विद्यार्थियों को पिछले पांच वर्षों के दौरान किसी भी स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त हो चुकी है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी के आवेदन के साथ दिव्यांगता प्रदर्शित फोटो, यूडीआईडी कार्ड, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा संबंधित शिक्षण संस्थान का अध्ययनरत प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न कराया जाए, ताकि पात्रता का परीक्षण समयबद्ध ढंग से किया जा सके।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों से अपेक्षा की कि पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं का विवरण निर्धारित प्रारूप पर तैयार कर आवश्यक अभिलेखों सहित कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला पंचायत परिसर, एटा में निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद का कोई भी पात्र दिव्यांग विद्यार्थी ई-ट्राईसाइकिल योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा पात्र लाभार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाकर अधिकाधिक आवेदन सुनिश्चित करें।









