वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 : एटा में 31.36 लाख पौधरोपण का लक्ष्य, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ, रिपोर्ट अनिल सोलंकी

*वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 : एटा में 31.36 लाख पौधरोपण का लक्ष्य, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ*

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( एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत आम, बरगद सहित विभिन्न प्रजातियों के रोपित किए गए पौधे )

 

एटा ! उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को साकार करने हेतु रविवार को जनपद में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत 26 राजकीय विभागों के समन्वय से जनपद में विभिन्न स्थलों पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल एवं जनपद एटा की नोडल अधिकारी संगीता सिंह ने 43वीं वाहिनी पीएसी, एटा परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत आम का पौधा रोपित कर किया। उनके साथ जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने भी आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इसके उपरांत मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी ने रारपट्टी स्थित पौधरोपण स्थल का भ्रमण कर वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बरगद का पौधा रोपित किया तथा उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मंडलायुक्त संगीता सिंह ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यावरण संरक्षण की एक महत्वपूर्ण एवं जनभागीदारी आधारित पहल है, जिसमें प्रत्येक वर्ष व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। जनपद एटा को इस वर्ष 31 लाख 36 हजार 400 पौधों के रोपण का लक्ष्य दिया गया है, जिसके लिए 4,000 से अधिक स्थलों का चयन किया गया है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी अपने परिवार के सदस्य की तरह करे।

जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल पौधरोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृऋण, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी हमारी प्रथम माता है और वृक्षों का संरक्षण प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का परिचायक है। जनपद में 31 लाख 36 हजार 400 पौधों के रोपण का लक्ष्य केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि इनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि जनपद के 4,000 से अधिक स्थलों पर पौधरोपण अभियान संचालित किया जा रहा है तथा प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं एवं पुरुषों से अपेक्षा है कि वे अपनी माता के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के रूप में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं तथा उसकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि पौधों का संरक्षण ही इस महाअभियान की वास्तविक सफलता होगी और इसी से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित एवं संतुलित पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के दौरान मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल एवं जनपद एटा की नोडल अधिकारी संगीता सिंह ने पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दो महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उन्होंने कहा कि आज पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं तथा जनपद एटा में 31 लाख 36 हजार 400 पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पौधों के साथ प्रयुक्त होने वाली काली पॉलीथिन पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इसलिए भविष्य में वन विभाग यह सुनिश्चित करे कि पौधों की नर्सरी एवं पौधारोपण के दौरान काली पॉलीथिन के स्थान पर केले के पत्ते, ढाक के पत्ते अथवा गोबर के लेपन जैसे पर्यावरण-अनुकूल एवं जैविक विकल्पों का प्रयोग किया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण को और अधिक बढ़ावा मिल सके।

मंडलायुक्त ने दूसरा महत्वपूर्ण सुझाव कुपोषण उन्मूलन से संबंधित देते हुए कहा कि हमें धरती को वापस देने की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहजन (मोरिंगा) का पौधा अत्यंत पौष्टिक होता है तथा इसकी पत्तियां, फलियां और अन्य भाग पोषण की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि आशा कार्यकर्ताओं एवं संबंधित विभागों के पास उपलब्ध अति कुपोषित (SAM) बच्चों की सूची के आधार पर ऐसे परिवारों को चिन्हित कर वन विभाग के माध्यम से प्रत्येक परिवार को एक-एक सहजन का पौधा उपलब्ध कराया जाए। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर पर सहजन का पौधा लगाए और उसका नियमित उपयोग करे, तो यह बच्चों के अतिरिक्त पोषण का सशक्त माध्यम बनेगा तथा कुपोषण की समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के दौरान “एक पौधा-एक संकल्प”, हस्ताक्षर अभियान तथा “सेल्फी विद प्लांट” अभियान का भी आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उपस्थित अतिथियों एवं लाभार्थियों को सहजन (मोरिंगा) के पौधों का वितरण भी किया गया। वहीं मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा द्वारा मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को ढाक (पलाश) के पौधे भेंट किए गए तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों को भी पौधे प्रदान कर उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम में 43वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक संजीव बाजपेयी, अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) लालता प्रसाद, जिला उप कृषि निदेशक डॉ. सुमित कुमार, उप जिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

जनपद में दिनभर विभिन्न विभागों द्वारा विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, राजकीय संस्थानों, सड़क किनारे, नहर एवं तालाबों के आसपास तथा अन्य चयनित स्थलों पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। अभियान के माध्यम से हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया गया।

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