*आगरा सुभाष बाजार में फूटा गुस्सा, महिला के लापता होने पर बाजार खुलते ही हंगामा, पथराव से मची अफरा-तफरी*
*दो दिन बाद भी नहीं मिला गंगा देवी का सुराग, परिजनों और स्थानीय महिलाओं का फूटा आक्रोश*
आगरा। आगरा के थाना मंटोला क्षेत्र स्थित सुभाष बाजार में दो मंजिला दुकान नाले में समाने के हादसे के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। हादसे में लापता महिला गंगा देवी का दो दिन बाद भी कोई पता नहीं चलने से स्थानीय महिलाओं और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बाजार में कुछ दुकानों के खुलने का विरोध करते हुए महिलाओं ने हंगामा किया। इस दौरान पथराव की भी सूचना मिली, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों ने दुकानदारों को सुरक्षित बाहर निकाला और किसी तरह हालात पर काबू पाया। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। बता दें कि सुभाष बाजार में दो दिन पहले एक पुरानी दो मंजिला दुकान अचानक नीचे बह रहे नाले में समा गई थी। हादसे के वक्त दुकान और उसके आसपास मौजूद छह लोग मलबे में दब गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ, पीएसी और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन 60 वर्षीय गंगा देवी का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। उनकी तलाश जारी है। बचाव दल लगातार मलबा हटाने और नाले की सफाई कर महिला को खोजने में जुटा है। गंगा देवी के परिजन और स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से महिला को जल्द खोजने की मांग कर रहे हैं। दो दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस जानकारी न मिलने से महिलाओं में भारी नाराजगी है। आज सुबह जब बाजार में कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खोलने की कोशिश की तो महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं ने प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि जब तक लापता महिला का पता नहीं चल जाता, तब तक बाजार नहीं खुलना चाहिए। हादसे के बाद व्यापारियों में भी नगर निगम के खिलाफ आक्रोश है। व्यापारियों का आरोप है कि जर्जर दुकानों और नाले की खराब स्थिति को लेकर पहले ही प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुरानी इमारतों की समय पर जांच और मरम्मत कराई गई होती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। हादसे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बाजार में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों की निगरानी में राहत कार्य जारी है। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। उधर, गंगा देवी के परिजन हर गुजरते घंटे के साथ बेचैन होते जा रहे हैं। पूरे शहर की निगाहें अब रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।









