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वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी आय, टिकाऊ कृषि बनेगी भविष्य की पहचान: ग्राम हिनौना में किसान संगोष्ठी आयोजित, रिपोर्ट राम नरेश

*वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी आय, टिकाऊ कृषि बनेगी भविष्य की पहचान: ग्राम हिनौना में किसान संगोष्ठी आयोजित*

 

 

जलेसर (एटा)। चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (CFCL) की कृषि विकास प्रयोगशाला (ADL), आगरा द्वारा शनिवार को विकासखंड जलेसर के ग्राम हिनौना में वैज्ञानिक खेती एवं समेकित कृषि विकास विषय पर किसान संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, पशुपालन, फसल अवशेष प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करना था।

संगोष्ठी में चंबल फर्टिलाइजर्स की अनुसंधान एवं विकास (R&D) इकाई, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG), मखदूम, मथुरा तथा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), आवागढ़, एटा के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने सहभागिता कर किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, उर्वरकों के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग तथा जैविक उत्पादों के प्रयोग पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नियमित मृदा परीक्षण एवं संतुलित पोषण अपनाने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

इसके अलावा किसानों को वैज्ञानिक बकरी पालन, उन्नत नस्लों के चयन, पोषण प्रबंधन, रोग नियंत्रण एवं आय बढ़ाने के प्रभावी उपायों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने विभिन्न कृषि एवं पशुपालन संबंधी सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से उनका अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती एवं पशुपालन से जुड़े अपने प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे, जिनका वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान प्रदान किया गया। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर इसे अत्यंत उपयोगी बताया।

कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि वैज्ञानिक सोच, संतुलित पोषण, आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की समृद्ध एवं टिकाऊ खेती की मजबूत आधारशिला है। किसान यदि इन तकनीकों को अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन के साथ अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

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