ऑपरेशन साइबर स्ट्राइक: 100 ठिकानों पर एक साथ पुलिस का धावा… 50 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, आगरा में मचा हड़कंप, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*ऑपरेशन साइबर स्ट्राइक: 100 ठिकानों पर एक साथ पुलिस का धावा… 50 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, आगरा में मचा हड़कंप*

 

 

 

आगरा। फिल्मों में अक्सर आपने देखा होगा कि सूरज निकलने से पहले पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश देती हैं और बड़े अपराधियों का नेटवर्क ध्वस्त कर देती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार सुबह आगरा में देखने को मिला, जब पुलिस कमिश्नरेट आगरा ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त अभियान चलाते हुए शहर के करीब 100 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में चली इस मेगा कार्रवाई में सर्विलांस, एसओजी, साइबर सेल, साइबर थाना, काउंटर इंटेलिजेंस और तीनों जोन की पुलिस टीमों ने एक साथ मोर्चा संभाला। कार्रवाई के दौरान 60 संदिग्धों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई और 16 अलग-अलग थानों में 16 मुकदमे दर्ज किए गए।

जांच में सामने आया कि आगरा से संचालित साइबर ठगी का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के 13 राज्यों से जुड़ी 178 साइबर शिकायतों का संबंध इन लोगों से पाया गया। शुरुआती जांच में करीब 50 करोड़ रुपये के संदिग्ध साइबर लेनदेन के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी म्यूल अकाउंट नेटवर्क संचालित कर रहे थे। लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जाता था। इन्हीं खातों के जरिए देशभर में होने वाली ऑनलाइन ठगी की रकम इधर-उधर भेजी जाती थी ताकि असली अपराधियों तक पुलिस आसानी से न पहुंच सके। इसके अलावा मैट्रिमोनियल फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड और विभिन्न प्रकार की डिजिटल ठगी के मामलों में भी इन संदिग्धों की भूमिका सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है।

जांच एजेंसियों को कुछ मामलों में विदेशी कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल के भी संकेत मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी का पैसा किन-किन खातों और किन देशों तक पहुंचा। इस दिशा में साइबर विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों की मदद ली जा रही है। यह कार्रवाई 1930 साइबर हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों के आधार पर की गई। पुलिस का कहना है कि कई हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी साइबर अपराध के मुकदमे दर्ज होने की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस बरामदगी, बैंक खातों को फ्रीज कराने और ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयासों में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में साइबर सेल, साइबर थाना, काउंटर इंटेलिजेंस/साइबर सर्विलांस टीम, सिटी, वेस्ट और ईस्ट जोन की सर्विलांस व एसओजी टीमें शामिल रहीं। कार्रवाई जगदीशपुरा, रकाबगंज, सदर बाजार, एकता, छत्ता, कमला नगर, ट्रांस यमुना, न्यू आगरा, सिकंदरा, कागारौल, मलपुरा, खैरागढ़, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, पिनाहट और चित्राहाट सहित कुल 16 थाना क्षेत्रों में की गई। आगरा पुलिस का यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे भी इसी तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे

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