जिला कारागार में बंद युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप,BMF News

जिला कारागार में बंद युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप

 

बुलंदशहर। जिला कारागार में बंद एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से मामला तूल पकड़ गया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार, बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बेड़ा निवासी प्रशांत चार जुलाई की देर रात अपने पिता के साथ बुलंदशहर के डिबाई थाना क्षेत्र स्थित गांव तलवार में अपनी ससुराल जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि देर रात कोई वाहन नहीं मिलने पर दोनों पैदल जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए दो पुलिसकर्मियों को उन्होंने लिफ्ट लेने के लिए रोका। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दोनों की तलाशी ली और उनके बैग में तमंचा रखकर फंसाने का प्रयास किया। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उनसे रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर दोनों को चौकी ले जाया गया।परिजनों के मुताबिक, पूरी रात चौकी में रखने के बाद पिता को छोड़ दिया गया, जबकि प्रशांत को थाने ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। बाद में उसका चालान कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया।परिजनों का कहना है कि सात जुलाई को वे जिला कारागार में प्रशांत से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान प्रशांत ने बताया था कि उसे चक्कर आ रहे हैं और पुलिस ने उसके साथ मारपीट की है, जिससे उसकी तबीयत खराब है।आरोप है कि आठ जुलाई की सुबह परिजनों को फोन पर सूचना मिली कि प्रशांत को हार्ट अटैक आया है। इसके बाद जब परिजन बिजनौर से बुलंदशहर जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि प्रशांत की मौत हो चुकी है और उसका शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा है।

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की कथित पिटाई के कारण ही प्रशांत की मौत हुई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक कारण और परिजनों के आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

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