WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

डकैतों की गिरफ्त में स्कूली शिक्षा,संकलन शंकर देव तिवारी

*ब्रेकिंग*

*डकैतों की गिरफ्त में स्कूली शिक्षा*

*कुछ समय पहले तक जो डाकू/डकैत होते थे , वे धन को लूटते थे और कानून को मानने से इनकार करते थे*

*वर्तमान में स्कूलों का संचालन करने वाले डाकू/डकैत भी यही काम कर रहे हैं, धन भी लूट रहे हैं और कानून को भी नहीं मान रहे*

*कानून है कि NCERT की पुस्तकों से बच्चे पढ़ेंगे*

*पर डकैत नहीं मान रहे कानून*

*डकैतों की इस सूची में कई प्रतिष्ठित है या फिर यह कहें कि कई प्रतिष्ठित डकैत स्कूल शामिल हैं*

*इन स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार सिखाने की बात कही जाती है लेकिन जो कानून को नहीं मान रहे वह क्या संस्कार सिखाएंगे*

*इन डकैत स्कूलों के आधा दर्जन से अधिक वीडियो साक्ष्य हमारे पास आ चुके हैं, NCERT की किताबों के स्थान पर हजारों रुपए की महंगी किताबें थमाई जा रही हैं*

*डकैतों की लोकेशन निधौली रोड पर, तो किसी की मंडी के पास जीटी रोड पर, किसी की बीच एटा शहर में किसी की कासगंज रोड पर, कुल मिलाकर आधा दर्जन से अधिक डकैतों की वीडियो साक्ष्य हैं, जो इनको बिल्कुल नंगा कर देंगे*

*हमारे पत्रकार भाई श्री चंचल लोधी ने बड़ी मेहनत से चीजों को इकट्ठा किया है*

*कुछ ऐसे भी स्कूल हैं जहाँ मात्र 1000 रुपए के भीतर कक्षा 12 तक का सिलेबस मिल रहा है, इसलिए ऐसे चरित्रवान स्कूलों की प्रशंसा भी लिखेंगे*

*पर हजारों रुपए से शुरू होकर ₹10000 तक सिलेबस की कीमत पहुचाने वाले डकैतों को तो बेनकाब करेंगे ही*

*तो अब समस्त डकैत तैयार हो जाएं अपनी हुज्जत/फजीहत और बेज्जती के लिए*

*हम तो समाचार लिखकर चैन से सोएंगे लेकिन उम्मीद है कि इसे पढ़ने के बाद तुम्हें नींद नहीं आएगी और विशेष बुलेटिन तुम्हारे लिए कल दिन में 2:00 बजे लॉन्च किया जाएगा, जिसमें सभी डकैतों का नाम खुलकर लिखा जाएगा और कितने में सिलेबस बेचा जा रहा है वह वीडियो भी लॉन्च होगी, जिसमें दिखेगा कि कितने रुपए में सिलेबस बेचा जा रहा है और कहाँ बेचा जा रहा है, कहीं भीतर कहीं बाहर*

*तो आप लोग रोमांच के लिए तैयार हो जाइए और डकैत रोने के लिए*

 

*पवन चतुर्वेदी*
जिलाध्यक्ष
प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट्स एसोशिएसन

Leave a Comment