रिपोर्ट: निशाकांत शर्मा
- जिलाध्यक्ष अरविन्द सिंह चौहान ने संविदा कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष में शामिल होने का किया आह्वान
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एटा 15 सितंबर। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समाधान को लेकर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
संघ के जनपद एटा जिलाध्यक्ष अरविन्द सिंह चौहान ने बताया कि संविदा कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से सेवा सुरक्षा एवं नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, लंबित मानदेय/वेतन का भुगतान, पदानुसार मानदेय में वृद्धि, शोषण एवं भेदभावपूर्ण नीतियों की समाप्ति तथा संविदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु स्पष्ट नीति बनाए जाने सहित विभिन्न मांगें शासन के समक्ष रखी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 से 23 सितंबर 2026 तक जनपदवार ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिलाधिकारी तथा संबंधित सांसद/विधायक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके पश्चात 23 सितंबर 2026 को शासन को मांगों के समाधान के लिए अंतिम समय दिया जाएगा।
यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 05, 06 एवं 07 अक्टूबर 2026 को संविदा कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपने नियमित कार्यों का निर्वहन करते हुए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 08, 09 एवं 10 अक्टूबर 2026 को जनपद मुख्यालय पर एकजुट होकर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार/धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बाद भी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 12 अक्टूबर 2026 से प्रदेश के समस्त जनपदों के संविदा कर्मचारी पूर्ण संख्या एवं पूर्ण मनोबल के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
जिलाध्यक्ष अरविन्द सिंह चौहान ने कहा कि संविदा कर्मचारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए उनकी जायज मांगों की अनदेखी करना कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आंदोलन की स्थिति उत्पन्न न होने देने की अपील की।
उन्होंने जनपद एटा के समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारियों से एकजुट, अनुशासित एवं शांतिपूर्ण ढंग से चरणबद्ध आंदोलन में सहभागिता करने का आह्वान किया।
प्रमुख मांगें—
सेवा सुरक्षा एवं नियमितीकरण।
समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
लंबित मानदेय/वेतन का शीघ्र भुगतान।
पदानुसार मानदेय में उचित वृद्धि।
शोषण एवं भेदभावपूर्ण नीतियों को समाप्त किया जाए।
संविदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु स्पष्ट एवं प्रभावी नीति बनाई जाए।















