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हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर ‘अग्नि युग के पुरोधा :योगी नाथ’ पुस्तक का विमोचन

रिपोर्ट: निशाकान्त शर्मा

एटा। हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर ‘अग्नि युग के पुरोधा :योगी नाथ’ पुस्तक का विमोचन
संस्कार भारती एटा के तत्वावधान में हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ राकेश मधुकर द्वारा लिखित काव्य कृति ‘अग्नि युग के पुरोधा :योगी नाथ’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक आचार्य डॉ.प्रेमी राम मिश्र के साथ सर्व प्रथम सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड, उत्तर प्रदेश पिछड़ा आयोग के सदस्य संदीप जैन, हिंदी के यशस्वी कवि डॉ राकेश सक्सेना एवं डॉ.राकेश मधुकर ने माता सरस्वती का पूजन किया। इस अवसर पर डॉ.राकेश मधुकर ने भावपूर्ण सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद संस्कार भारती के ध्येय ‘गीत साधयति संस्कार भारती भारते नवजीवनम्’का सामूहिक सस्वर वाचन किया गया।
जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के पूर्व हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ राकेश सक्सेना ने हिंदी के हिंदी के विकास पर प्रकाश डालते हुए सुंदर रचना प्रस्तुत की। कविवर सत्येंद्र निर्झर, डॉ राजेंद्र सिंह चौहान राज, संजय सिंह लफ्ज आज ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालने वाली सुंदर कविताएं प्रस्तुत कीं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉक्टर राकेश मधुकर द्वारा लिखित पुस्तक का विधायक विपिन वर्मा डेविड, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य संदीप जैन, आचार्य प्रेमी राम मिश्र,, डॉ राकेश सक्सेना ने पुस्तक का विमोचन किया। डॉ राकेश सक्सेना ने कहा कि पुस्तक में योगी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी योजनाओं पर प्रकाश डालने का सार्थक प्रयास किया गया है। संदीप जैन ने कहा कि इस पुस्तक में प्रदर्शित तथ्य जीवन को ऊष्मा और संजीवनी प्रदान करते हैं। सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड ने कहा की योगी जी अग्नि युग के पुरोधा इसलिए भी हैंकि उनके आने पर उत्तर प्रदेश में फैली अराजकता की आग उत्तर प्रदेश को जलाकर राख करने का प्रयास कर रही थी। जनता का विश्वास जनतंत्र के प्रति नष्ट सा होता जा रहा था। अपने शांति ,विकास और सुरक्षा के लिए जो कठोर निर्णय लिए वे स्मरणीय बन गए। आचार्य प्रेमी राम मिश्र ने कहा कि आपकी अभिव्यक्ति में अनुभूति भाव प्रवणता एवं राष्ट्रीय चेतना का समावेश है। यह काव्य कृति कम से कम शब्दों में अपेक्षित तथ्यों पर केंद्रित रहने के कारण प्रभावपूर्ण है। डॉ राकेश मधुकर ने भी अपनी कृति के विषय में जानकारी प्रस्तुत की। अंत में संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष डॉ सुधीर पालीवाल ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अनूप भावुक, वीरेंद्र कुमार वार्ष्णेय,अशोक कुमार सिंह चौहान, दद्दन सिंह प्रधानाचार्य, विशाल अग्रवाल प्रशांत पाठक, कृष्ण मुरारी मानव, सुभाष सनकी, मुकुल नारायण, कुलदीप नारायण जौहरी, धर्मेंद्र,आशुतोष मिश्र, संजय शर्मा,योगेश सक्सैना एडवोकेट, दक्ष मधुकर, अंकुर मधुकर, प्रेम बाबू कुशवाह, अभिषेक पाराशर, विमल कुमार शर्मा, गौरव सक्सेना आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। संस्कार भारती के प्रांतीय मंत्री प्रदीप तोमर, जिला महामंत्री विनय कुमार सिंह साहित्य विधा प्रमुख महेश मंजुल ने आयोजन को उल्लेखनीय बनाने में विशेष योगदान प्रदान किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश मिश्र ने करके इसे और अधिक गरिमा पूर्ण बना दिया।

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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