*: मां विंध्यवासिनी की नगरी में बजा रणभेरी का शंख, पूर्व DM दिव्या मित्तल ने किया भ्रष्ट तंत्र को ललकार*
*आजाद अधिकार सेवा एवं बी एम एफ नेशनल कोर कमेटी का बिना शर्त समर्थन*
मिर्जापुर। वो धरती जो मां विंध्यवासिनी के जयकारे से गूंजती है, आज एक नए युद्ध का गवाह बन रही है। यह युद्ध गोली-बारूद का नहीं, भ्रष्टाचार और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। इस जंग का बिगुल बजाया है मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी और जन-जन की चहेती ‘दिव्या दीदी’ ने।
IAS की चमचमाती कुर्सी को लात मारकर, 13 साल की प्रशासनिक सेवा को अलविदा कहकर दिव्या मित्तल सीधे जनता की अदालत में उतर आई हैं। उनका ऐलान साफ है – “राजनीति आप पर राज करती है, जननीति में आप राज करेंगे।”
जब वह 11 अक्टूबर को मिर्जापुर की धरती पर उतरीं, तो नजारा देखने लायक था। ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाईं, युवाओं ने फूलों की बारिश की। यह प्यार किसी नेता के लिए नहीं, एक बेटी के लिए था, जिसने DM रहते हुए पहाड़ों में बसे लहुरिया दह गांव तक पानी पहुंचा दिया था। उसी दिन नवरात्र के पहले दिन उन्होंने विंध्यवासिनी धाम में माथा टेका और आशीर्वाद लेकर कहा – अब मिर्जापुर गुलामी नहीं सहेगा।
*: जननीति भारत – एक पार्टी नहीं, एक आंदोलन! अब हर घर बनेगा कार्यालय*
दिव्या मित्तल ने साफ कहा है, मेरा मकसद सिर्फ विधायक बनना नहीं, पूरी राजनीति को बदलना है। इसीलिए उन्होंने किसी बड़ी पार्टी का दामन नहीं थामा, बल्कि अपनी नई सेना बनाई – *’जननीति भारत पार्टी’*।
15 अक्टूबर को जारी वीडियो में उन्होंने पार्टी के तीन वज्र-संकल्प सुनाए जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया –
*पहला वचन – जन से नीति, नीति से भारत।* अब नीति AC कमरों में नहीं, जनता तय करेगी। किसान खेती की नीति बनाएगा, व्यापारी व्यापार की नीति।
*दूसरा वचन – फैसला जरूरत देखकर, पहचान देखकर नहीं।* जाति, धर्म, मजहब के नाम पर बंटवारा बंद। काम होगा तो सिर्फ जरूरत के आधार पर।
*तीसरा वचन – हर काम का हिसाब जनता लेगी।* पारदर्शिता ऐसी कि जनता को पता होगा क्या हो रहा है, कब तक होगा।
उन्होंने सीधे कहा – मुझे पैसा और बाहुबल नहीं चाहिए, मुझे जनता का साथ चाहिए। गंगा की हर बूंद बराबर होती है, वैसे ही जननीति भारत में हर इंसान बराबर होगा। यही सोच आज मिर्जापुर के हर गली-मोहल्ले में आग की तरह फैल रही है।
*: बिना शर्त समर्थन से बदला समीकरण, मिर्जापुर की आजादी का बिगुल!*
जब एक ईमानदार अफसर जंग का ऐलान करता है, तो सच्चे सिपाही खुद-ब-खुद साथ आ जाते हैं। ऐसा ही हुआ मिर्जापुर में।
सबसे पहले आजाद अधिकार सेना के संस्थापक और पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने खुला समर्थन दिया। उन्होंने कहा – दिव्या मित्तल का आना मिर्जापुर के लिए सकारात्मक और सार्थक पहल है। हमें ऐसी ही राजनीति चाहिए जो संविधान और जनहित को पहले रखे।
उसके बाद देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक *एके बिंदुसार* ने बिना शर्त जोरदार समर्थन का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा – जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ेगा, हम उसके साथ हैं। दिव्या जी पढ़ी-लिखी, तेजतर्रार और ईमानदार हैं। मिर्जापुर की जनता उन्हें जानती है।
सोचिए, एक तरफ पूर्व IPS, दूसरी तरफ पत्रकारों की फौज, और बीच में जनता की लाडली पूर्व IAS। यह गठबंधन नहीं, यह जनक्रांति है।
लोग अब कह रहे हैं – कई वर्षों से जो मिर्जापुर गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था, जहां विकास के नाम पर सिर्फ वादे थे, अब वो आजादी की सांस लेगा। मां विंध्यवासिनी की नगरी में आजादी का बिगुल बज चुका है।
2027 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन मिर्जापुर सदर का रण अब दिलचस्प हो गया है। जहां बीजेपी के रत्नाकर मिश्रा दो बार से विधायक हैं और अनुप्रिया पटेल का गढ़ माना जाता है, वहां एक पूर्व कलेक्टर ने सीधे जनता के दम पर ललकार दिया है।
यह लड़ाई कुर्सी की नहीं, व्यवस्था बदलने की है।















