**बुजुर्ग आज भी बताते हैं… एटा में एक ऐसा नेता हुआ करता था, जिसका नाम ही काफी था।**
एटा मारहरा और निधौली कलां की राजनीति में **माननीय विधायक श्री ए.के. सिंह यादव (अनिल कुमार सिंह)** का एक अलग ही रुतबा हुआ करता था। उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि **एटा ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में लोग उन्हें पहचानते थे।**
जनता के सुख में साथ खड़े होना तो आम बात थी, लेकिन **किसी गरीब के घर दुःख हो, किसी के परिवार में परेशानी हो या किसी के जानवर की मृत्यु की खबर मिले—वे वहाँ भी सबसे पहले पहुँचने वालों में होते थे।**
यही वजह थी कि जनता उन्हें सिर्फ विधायक नहीं, **अपने परिवार का हिस्सा** मानती थी।
और जब जनता के हक की बात आती थी, तो उनका **रौद्र रूप** देखने को मिलता था। कोई अधिकारी जनता की समस्या को टाल दे या गरीब का काम रोक दे, तो फिर सामने वही **विशाल कद-काठी, बुलंद आवाज और बेखौफ तेवर** वाला नेता खड़ा होता था।
कहा जाता है कि उनकी **सात फुट की कद-काठी और मजबूत व्यक्तित्व** को देखकर ही सामने वाला उनके रुतबे को महसूस कर लेता था। मगर असली ताकत उनके शरीर में नहीं, **जनता के लिए लड़ने वाले उनके इरादों में थी।**
आज समय बदल गया, राजनीति बदल गई, चेहरे बदल गए…
लेकिन **कुछ नेताओं की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं।**
**ए.के. सिंह यादव जी भी उन्हीं शख्सियतों में से एक हैं, जिनका नाम एटा की राजनीतिक यादों में लंबे समय तक सम्मान के साथ लिया जाएगा।**
**नेता बहुत आते हैं…
लेकिन जनता के दिल में जगह बनाने वाले बहुत कम होते हैं।















