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नावाडीह में सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी का विरोध, ग्रामीणों ने रोका काफिला!

गिरिडीह झारखंड से अमित अग्रवाल की रिपोर्ट

  • जर्जर सड़क पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, चुनावी वादे को लेकर सांसद से सीधे सवाल

गिरिडीह। जिले के पीरटांड़ में रविवार को उस वक्त राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब नावाडीह गांव के पास स्थानीय ग्रामीणों ने गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के काफिले को रोक दिया। गांव की जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने सांसद को सामने देखकर अपने सवाल दागे और चुनाव के दौरान किए गए वादे की याद दिलाई।
दरअसल, नावाडीह गांव की सड़क लंबे समय से बदहाल है। सड़क की खराब स्थिति से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को ग्रामीणों को जानकारी मिली कि आजसू के जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो कार्यक्रम के बाद इसी रास्ते से गुजरेंगे। इसके बाद स्थानीय युवा सड़क पर उतर आए और दोनों नेताओं के काफिले को रोक लिया।
ग्रामीणों ने पूछा—कहां गया सड़क निर्माण का वादा?
काफिला रुकते ही ग्रामीणों ने सांसद से सवाल करना शुरू कर दिया। युवाओं का कहना था कि चुनाव के दौरान सांसद ने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था। यहां तक कहा गया था कि चुनाव में जीत हो या हार, सड़क की स्थिति दुरुस्त कराई जाएगी। लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक, चुनाव जीतने के बाद सांसद ने गांव की सुध तक नहीं ली।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी से भी ग्रामीणों से बात करने को कहा।
सांसद बोले—टेंडर और अनुशंसा करना हमारा काम
इसके बाद सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी भी अपनी एसयूवी से नीचे उतरे। ग्रामीणों के सवालों के बीच उन्होंने कहा, “हमलोग का काम टेंडर और अनुशंसा करना है। काम तो ठेकेदार को ही करना है ना।”
सांसद के इस जवाब पर ग्रामीणों ने फिर चुनाव के दौरान किए गए वादे की याद दिलाई। काफी देर तक बातचीत और समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा। आखिरकार सुदेश महतो के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीण सड़क से हटे और नेताओं का काफिला आगे बढ़ सका।
अब सवाल यह है कि नावाडीह की जर्जर सड़क कब बनेगी? ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। अब देखना होगा कि उनकी समस्या का समाधान कब होता है और सड़क निर्माण का इंतजार आखिर कब खत्म होता है।

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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