*बिग ब्रेकिंग एटा* : दो डंपर पकड़ने के बाद भी नहीं थमा अवैध मिट्टी खनन, रातभर दौड़ते रहे दर्जनों डंपर*
*जलेसर।* तहसील जलेसर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का खेल प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद थमता नजर नहीं आ रहा है। दो दिन पहले उपजिलाधिकारी पीयूष रावत द्वारा मिट्टी से लदे दो डंपर पकड़े जाने और उन्हें आदर्श पुलिस चौकी जलेसर पर खड़ा कराए जाने के बावजूद बीती रात कथित तौर पर करीब एक दर्जन डंपर सादाबाद-जलेसर मार्ग के किनारे बेखौफ तरीके से मिट्टी डालते रहे।
बताया जा रहा है कि मिट्टी खनन का यह मामला गांव फरीदपुर क्षेत्र की जमीन से जुड़ा है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि करीब 20 बीघा खेत की मिट्टी बड़े पैमाने पर खोदी जा चुकी है। खनन स्थल पर मिट्टी की गहराई करीब 10 से 12 फीट तक किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि यह तथ्य सही है तो यह महज सामान्य मिट्टी उठान नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर भूमि की खुदाई का गंभीर मामला बनता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन को अवैध खनन की जानकारी है और दो डंपर कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं, तो इसके बावजूद रात के अंधेरे में दर्जनों डंपरों की आवाजाही कैसे जारी रही? क्या खनन माफिया को प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है, या फिर निगरानी व्यवस्था ही इतनी कमजोर है कि कार्रवाई के बाद भी अवैध खनन निर्बाध चलता रहे?
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि बीती रात से ही खनन स्थल की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की जा रही है। अब पुनः खनन स्थल की करंट और लाइव लोकेशन भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती केवल अवैध खनन रोकने की नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की भी है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जलेसर तहसील प्रशासन इस कथित बड़े पैमाने के मिट्टी खनन पर प्रभावी कार्रवाई करता है या फिर कार्रवाई केवल दो डंपरों को पकड़ने तक सीमित रह जाती है। यदि करीब 20 बीघा भूमि में 10 से 12 फीट तक खुदाई की गई है, तो राजस्व, खनन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से मौके की पैमाइश और जांच कराए जाने की जरूरत है।
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