WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

जलेसर मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल, 31 अवैध गल्ला क्रय केंद्र संचालित होने का दावा, रिपोर्ट राम नरेश

*जलेसर मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल, 31 अवैध गल्ला क्रय केंद्र संचालित होने का दावा*

Oplus_131072

 

*_लाइसेंसधारी आढ़तियों ने जताई नाराजगी, मंडी परिसर में सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल_*

 

*जलेसर (एटा)।* जलेसर कृषि उत्पादन मंडी समिति के आसपास कथित रूप से संचालित अवैध गल्ला क्रय केंद्रों को लेकर मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लाइसेंसधारी दुकानदारों और आढ़तियों का दावा है कि मंडी परिसर से करीब दो किलोमीटर के दायरे में कई स्थानों पर बिना लाइसेंस गल्ले की खरीद की जा रही है। इससे मंडी में अनाज की आवक प्रभावित होने के साथ ही लाइसेंसधारी कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित क्रय केंद्रों की वैधानिक स्थिति की आधिकारिक जांच होना बाकी है।

 

लाइसेंसधारी कारोबारियों के अनुसार, कस्बे के प्रमुख चौराहों और विभिन्न मार्गों के किनारे गल्ले की खरीद-बिक्री की गतिविधियां जारी हैं। उनका आरोप है कि मंडी सचिव विकास यादव की ओर से इस मामले में प्रभावी निगरानी और कार्रवाई नहीं की जा रही है। कारोबारियों ने मांग की है कि मंडी क्षेत्र में संचालित सभी गल्ला क्रय केंद्रों की जांच कराई जाए और बिना आवश्यक लाइसेंस कारोबार करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

 

*मंडी परिसर की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल*

 

मंडी समिति के लाइसेंसधारी दुकानदारों ने परिसर में पेयजल, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नालियां गंदगी से भरी हैं, जबकि मुख्य प्रवेश द्वारों के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मंडी के दोनों मुख्य गेटों पर मंडी समिति का नाम दर्शाने वाले फ्लेक्स अथवा चेतावनी बोर्ड भी नहीं दिखाई देने की बात कही गई है।

 

कारोबारियों का आरोप है कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से मंडी परिसर में काम करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर कमियों को दूर कराने की मांग की है।

 

*सचिव ने सात केंद्रों की जानकारी होने की बात कही*

 

इस संबंध में मंडी सचिव विकास यादव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी में सात अवैध गल्ला क्रय केंद्र हैं और उनके विरुद्ध नोटिस तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने मंडी क्षेत्र के तीन किलोमीटर के दायरे में अन्य अवैध गल्ला क्रय केंद्र संचालित होने की जानकारी से इनकार किया।

 

इसके विपरीत, कुछ लाइसेंसधारी दुकानदारों ने दावा किया कि मंडी क्षेत्र के आसपास कुल 31 गल्ला क्रय केंद्र संचालित हैं। उनके बताए गए स्थानों में निधौली कलां चौराहे पर आठ, अवागढ़ रेलवे फाटक के पास एक, इसौली रोड पर दो, आगरा रोड पर पांच, सादाबाद रोड पर पांच, सनी रोड पर छह और दरगाह रोड पर चार केंद्र शामिल हैं। कारोबारियों का कहना है कि इन केंद्रों में वैध और कथित रूप से बिना लाइसेंस संचालित केंद्र शामिल हैं। हालांकि, प्रत्येक केंद्र की स्थिति और लाइसेंस संबंधी विवरण का सत्यापन संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

 

*जांच और जवाबदेही की मांग*

 

लाइसेंसधारी कारोबारियों ने मंडी समिति के आसपास संचालित सभी क्रय केंद्रों का सर्वेक्षण कराने, उनके लाइसेंस एवं अभिलेखों की जांच करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही मंडी परिसर की सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और प्रवेश द्वारों की स्थिति सुधारने की भी मांग उठाई है।

 

मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह लागू नियमों के अनुरूप कारोबार की निगरानी करे और लाइसेंस संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए। ऐसे में अवैध क्रय केंद्रों की वास्तविक संख्या, मंडी सचिव की ओर से की गई कार्रवाई तथा परिसर की बदहाल बताई जा रही व्यवस्थाओं की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विभागीय जांच आवश्यक है।

 

Leave a Comment