ग्राम पंचायतपौनी का वोटर लिस्ट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश – बीएलओ पर घर-घर सर्वे न करने का आरोप, गरीब बस्ती में मात्र 2 घंटे बैठने और पुल पर बैठकर लिस्ट बनाने का लगा आरोप, जांच की उठी मांग
पौनी / नरायनपुर / चुनार / मिर्जापुर। ग्राम पंचायत पौनी, ब्लाक नरायनपुर, तहसील चुनार, जनपद मिर्जापुर में एसआईआर के तहत बनाए जा रहे नए वोटर लिस्ट को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन का स्पष्ट आदेश था कि घर-घर जाकर वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी, लेकिन पौनी में इसका पालन नहीं किया गया।
ग्रामीणों का आरोप – घर-घर नहीं, चुनिंदा घरों में बैठकर बना लिस्ट
ग्रामीणों का कहना है कि पौनी में वोटर लिस्ट का कार्य बीएलओ जितेंद्र कुमार सिंह के द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि उन्होंने घर-घर जाकर सर्वे करने के बजाय चुनिंदा लोगों के घर बैठकर ही वोटर लिस्ट का काम निपटा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि गरीबों की बस्ती में वह लंबे समय तक नहीं गए। ग्रामीणों के जबरदस्ती कहने पर वह बस्ती में मात्र एक दिन बैठे, वह भी केवल 2 घंटे के लिए। जबकि उस बस्ती में लगभग 300 वोटर रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बीएलओ द्वारा कहा जा रहा था कि हम बस्ती में नहीं बैठेंगे।
पुल पर बैठकर लिस्ट बनाने का आरोप
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इसके बाद बीएलओ ने पुल पर आकर बैठना शुरू कर दिया और कहा कि जिनको आना हो, पुल पर आओ। ग्रामीणों ने इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है कि जब शासन का आदेश घर-घर सर्वे का था, तो पुल पर बैठकर लिस्ट कैसे बनाई जा सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बीएलओ द्वारा वहां पर एक-दो लोगों को अपने पास बैठाकर काम किया जाता था। ग्रामीणों का कहना है कि इससे कई वास्तविक मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, जबकि कई ऐसे व्यक्तियों के नाम जोड़े जाने की बात कही जा रही है जो गांव में रहते ही नहीं हैं।
स्कूल पर गए लोगों से विवाद का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार जिन लोगों का नाम नई वोटर लिस्ट में नहीं आया था, वह जब स्कूल पर पूछने गए कि आप हमारे घर क्यों नहीं आए, तो वहां भी विवाद की स्थिति बन गई। बीएलओ द्वारा कहा गया कि हम गांव-गांव घूमकर काम किए हैं, जबकि ग्रामीण इसे पूरी तरह फर्जी बता रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग – निष्पक्ष जांच हो
ग्रामीणों ने मांग की है कि पौनी ग्राम पंचायत के नई वोटर लिस्ट की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि वह नई वोटर लिस्ट की जांच करके ही यह बात बता रहे हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो वह सभी प्रभावित लोगों के नाम सार्वजनिक करने को भी तैयार हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पहले यह बताया जाए कि क्या गलत है और क्या सही है। जो दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई हो और छूटे हुए वास्तविक मतदाताओं के नाम जोड़े जाएं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, एसडीएम चुनार और निर्वाचन विभाग से अपील की है कि पौनी गांव में दोबारा घर-घर सर्वे कराकर सही वोटर लिस्ट तैयार कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।















