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ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 120 फीट ऊंचे पुतले के दहन के साथ हुआ अहंकार का अंत, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*देशभक्ति और आस्था के अद्भुत संगम के साथ ताजनगरी में मना दशहरा*

 

*- ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 120 फीट ऊंचे पुतले के दहन के साथ हुआ अहंकार का अंत*

 

*- आतिशबाजी में दिखी पीएम मोदी, सीएम योगी और गृह मंत्री अमित शाह की झलक*

 

*- रामलीला मैदान में हुई शानदार आतिशबाजी, शहरभर में 1200 से अधिक रावण पुतलों का हुआ दहन*

 

*आगरा, 20 अक्टूबर।* योगी सरकार में पूरे प्रदेश के साथ- साथ ताजनगरी आगरा में भी बुराई पर अच्छाई की जीत का पावन पर्व दशहरा बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष का दशहरा उत्सव पूरी तरह से धार्मिकता और देशभक्ति के रंगों से सराबोर नजर आया। उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीलाओं और शहर के विभिन्न दशहरा महोत्सवों में रावण के पुतलों का दहन किया गया। धर्मनगरी आगरा में रामलीला और दशहरा मेलों के दौरान आसमान में आतिशबाजी के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीरें भी उकेरी गईं, जिसने सभी को रोमांचित कर दिया। पूरे जनपद में इस पावन पर्व पर लगभग 1200 रावण के पुतलों का दहन किया गया।

 

*राम-रावण के बीच घनघोर युद्ध और अहंकार का अंत*

उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला के मुख्य मंच पर गुरुवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच घनघोर युद्ध का सजीव मंचन किया गया। जब रावण किसी भी तरह परास्त नहीं हो रहा था, तब विभीषण ने प्रभु श्रीराम को रावण की नाभि में छिपे अमृत कलश और उसकी मृत्यु का रहस्य बताया। रहस्य जानते ही भगवान श्रीराम ने अपने धनुष से एक साथ 31 बाण छोड़े। इन दिव्य बाणों के प्रहार से रावण के 10 सिर और भुजाएं कटकर अलग हो गईं और अजेय माना जाने वाला रावण युद्ध भूमि में धराशायी हो गया। इस दृश्य के मंचन के तुरंत बाद रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया, जो सत्य की विजय का प्रतीक बना।

 

*रामलीला मैदान में 120 फीट ऊंचे रावण का दहन*

जनपद का सबसे भव्य और ऊंचा रावण दहन बिजलीघर स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में किया गया। यहां रावण के पुतले की ऊंचाई 120 फीट थी। गुरुवार देर रात जैसे ही रिमोट का बटन दबाया गया, रावण की नाभि से अमृत वर्षा का दृश्य उत्पन्न हुआ और उसके मुख से भीषण अंगारे निकलने लगे। तेज बम-पटाखों और आतिशबाजी की कानफोड़ू आवाज़ के साथ पूरा मैदान सतरंगी रोशनी में नहा गया। वहां मौजूद हजारों दर्शकों ने एक स्वर में ‘जय श्री राम’ का गगनभेदी जयघोष किया।

 

*आतिशबाजी में दिखी पीएम मोदी और सीएम योगी की झलक*

इस वर्ष रामलीला मैदान में आतिशबाजी का भव्य और रोमांचक मुकाबला मथुरा के आतिशबाज अजय और पीलीभीत के शमशाद के बीच देखने को मिला। दोनों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए आकाशीय आतिशबाजी से शुरुआत की। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच पीएम मोदी, सीएम योगी, गृह मंत्री अमित शाह और प्रसिद्ध संत बाबा नीम करोली की पोस्टर झांकी बनाई गई, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। इसके अलावा आतिशी झरनों, घूमते चरखों, रॉकेट और सायरन वाली आतिशबाजी से आसमान में बनीं रंगीन आकृतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस आतिशबाजी के मुकाबले में दोनों आतिशबाजों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया। इस दौरान अधिकांश ईको फ्रेंडली पटाखों का इस्तेमाल किया गया।

 

*जटपुरा से निकली 500 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक शोभायात्रा*

दशहरे के अवसर पर लोहा मंडी स्थित खाती पाड़ा जटपुरा से 500 वर्ष प्राचीन और ऐतिहासिक दशहरा शोभायात्रा पूरे राजसी ठाठ-बाट के साथ निकाली गई। इस अलौकिक शोभायात्रा में 50 से अधिक बेहद आकर्षक झांकियां शामिल थीं। प्रभु श्रीराम के साथ उनके चारों भाइयों के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए सड़कों के दोनों ओर हजारों भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। जब श्री राम और लक्ष्मण के स्वरूप एमजी रोड होते हुए सेंट जोंस स्थित वैश्य बोर्डिंग हाउस के मैदान में पहुंचे, तो वहां पुष्पवर्षा कर उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।

 

*वैश्य बोर्डिंग मैदान में 80 फीट के रावण का हुआ अंत*

बाग मुजफ्फर खां स्थित वैश्य बोर्डिंग हाउस के मैदान में इस वर्ष 44वां दशहरा महोत्सव अत्यंत भव्यता के साथ मनाया गया। यहां लगभग 80 फीट ऊंचे रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। पुतला दहन से पहले मैदान में आतिशबाजी का भव्य दौर चला, जिसने दर्शकों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। यह मेला भी पूरी तरह से धार्मिक और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत था।

 

*नेहरू नगर में डांडिया रास के साथ मनाया गया उत्सव*

विजयादशमी के इस पावन अवसर पर शहर के नेहरू नगर क्लब द्वारा नेहरू नगर पार्क में डांडिया रास और दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। शानदार संगीत और गरबा गीतों की धुन पर शहर के युवक-युवतियों ने जमकर डांडिया खेला। डांडिया रास के उत्साहपूर्ण समापन के बाद पार्क में स्थापित 32 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दो दिवसीय दशहरा उत्सव के लिए आयोजकों द्वारा 80 फीट लंबा और 35 फीट ऊंचा एक विशाल मंच तैयार किया गया है, जहां महोत्सव के अगले दिन भव्य भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।

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