*एटा में एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत चिकोरी, घेवर एवं पूड़ी-सब्जी की इकाइयों को मिलेगा ऋण व अनुदान का लाभ*
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*10 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष ₹30 लाख की मार्जिन मनी वितरण का लक्ष्य निर्धारित*
*एटा, 16 अक्टूबर 2026 (सू0वि0)।* उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, एटा अर्चना कुमारी ने अवगत कराया है कि जनपद में स्थानीय व्यंजनों को प्रोत्साहित करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से एक जनपद-एक व्यंजन (ओ०डी०ओ०सी०) वित्त पोषण हेतु सहायता योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत जनपद एटा के लिए चयनित व्यंजन चिकोरी, घेवर एवं पूड़ी-सब्जी से संबंधित इकाइयों को बैंकों के माध्यम से ऋण एवं अनुदान/सब्सिडी युक्त सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य जनपद के विशिष्ट व्यंजनों का मूल्य संवर्धन, उत्पादन क्षमता में वृद्धि, गुणवत्ता में सुधार तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत स्वचालित मशीनों की स्थापना, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग मशीनें, कोल्ड स्टोरेज एवं कोल्ड चेन सुविधाएं, खाद्य परीक्षण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाले उपकरण, व्यंजनों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाली मशीनें तथा क्लाउड किचन की स्थापना सहित अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है। योजना में चयनित व्यंजनों से संबंधित नई इकाइयों की स्थापना, मौजूदा इकाइयों के विस्तारीकरण एवं विविधीकरण को भी पात्रता के अनुसार सम्मिलित किया गया है।
योजना के अंतर्गत परियोजना लागत के आधार पर मार्जिन मनी सहायता का प्रावधान किया गया है। ₹25 लाख तक की परियोजना लागत पर कुल लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम ₹6.25 लाख तक; ₹25 लाख से अधिक एवं ₹50 लाख तक की परियोजना लागत पर लागत का 20 प्रतिशत अथवा ₹6.25 लाख, जो भी अधिक हो; ₹50 लाख से अधिक एवं ₹150 लाख तक की परियोजना लागत पर लागत का 10 प्रतिशत अथवा ₹10 लाख, जो भी अधिक हो तथा ₹150 लाख से अधिक की परियोजना लागत पर लागत का 10 प्रतिशत, अधिकतम ₹50 लाख तक, जो भी कम हो, मार्जिन मनी के रूप में देय होगी।
आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं है। आवेदक किसी बैंक, वित्तीय संस्था अथवा सरकारी संस्था का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए तथा उसे पूर्व में भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त नहीं हुआ होना चाहिए। योजना का लाभ जनपद के लिए चयनित चिकोरी, घेवर एवं पूड़ी-सब्जी से संबंधित उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय की पात्र इकाइयों को ही मिलेगा। इसके अतिरिक्त, आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य को इस योजना का लाभ केवल एक बार प्राप्त हो सकेगा।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि जनपद एटा को योजना के अंतर्गत 10 लाभार्थियों के भौतिक लक्ष्य के सापेक्ष ₹30.00 लाख की मार्जिन मनी वितरण का वित्तीय लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इच्छुक अभ्यर्थी योजना की विस्तृत जानकारी एवं आवेदन के लिए विभागीय वेबसाइट https://msme.up.gov.in/ पर विजिट कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, आई०टी०आई० के सामने, कासगंज रोड, एटा में व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष संख्या 05742-233487 पर भी संपर्क किया जा सकता है।















