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आगरा कॉलेज के शिक्षकों ने पुरानी पेंशन एवं सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*आगरा कॉलेज के शिक्षकों ने पुरानी पेंशन एवं सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन*

 

*FUPUCTA के आह्वान पर गंगाधर शास्त्री उद्यान में शिक्षकों ने किया विरोध प्रदर्शन*

 

आगरा। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUPUCTA) के आह्वान पर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों की लंबित मांगों के समर्थन में आज आगरा कॉलेज, आगरा के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर अपने शिक्षण एवं अन्य दायित्वों का निर्वहन किया तथा दोपहर 1 बजे कॉलेज परिसर स्थित गंगाधर शास्त्री उद्यान में एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी की।

FUPUCTA के निर्देशानुसार 02, 03 एवं 04 नवंबर 2026 को प्रदेश के महाविद्यालयों में शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके पश्चात 05 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।

FUPUCTA अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों की न्यायोचित मांगें लंबे समय से शासन एवं उच्च शिक्षा निदेशालय स्तर पर लंबित हैं। समस्याओं का समाधान नहीं होने से प्रदेश के शिक्षकों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली है, ताकि सेवानिवृत्ति के पश्चात शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। इसके साथ ही शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए, जिससे अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लाभ उच्च शिक्षा को मिल सके। प्रो. चौहान ने कहा कि सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति चिकित्सकीय अवकाश की सुविधा प्रदान की जाए। इस संबंध में गठित समिति की संस्तुतियां शीघ्र लागू की जाएं। उन्होंने शिक्षकों को आवश्यक वर्षों की सेवा का लाभ (Fix Cadre) पुनः प्रदान करने की मांग भी की। उन्होंने स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानांतरण की समय सीमा एक वर्ष निर्धारित की जाए, NOC की अनावश्यक बाध्यता समाप्त हो तथा ऑनलाइन स्थानांतरण की सुविधा प्रदान की जाए। आमेलित शिक्षकों को भी समानता के आधार पर पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए तथा आमेलन से वंचित शिक्षकों का अविलंब आमेलन किया जाए। प्रो. चौहान ने कहा कि महासंघ सदैव संवाद एवं सकारात्मक वार्ता का पक्षधर रहा है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य हुए हैं। यह आंदोलन शिक्षकों के सम्मान, अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए है। FUPUCTA अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 17, 18 एवं 19 नवंबर 2026 को लखनऊ के इको पार्क में प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से संबंधित शिक्षक भी धरने में शामिल होंगे। उन्होंने आगरा कॉलेज सहित आगरा जनपद एवं प्रदेश के सभी शिक्षकों से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। प्रदर्शन में स्टाफ क्लब सचिव डॉ. आनंद प्रताप सिंह, पूर्व सचिव प्रो. विजय कुमार सिंह, प्रो. भूपेंद्र कुमार चिकारा,प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. गौरव कौशिक, FUPUCTA जोनल सचिव प्रो. शिवकुमार सिंह, प्रो. स्मिता चतुर्वेदी, डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. राविंद्र प्रताप सिंह, डॉ. अविनाश जैन, प्रो. ए.के. सिंह, डॉ. अचिंत वर्मा, डॉ. अनूप सिंह, प्रो. श्याम गोविंद सिंह, प्रो. प्रभात यादव, डॉ. खुशबू यादव, डॉ. सीमा सिंह, प्रो. संध्या मान, डॉ. माधुरी यादव, डॉ. जावेद, प्रो. अवधेश जौहरी, डॉ. चेतन गौतम, प्रो. भूपेंद्र सिंह, डॉ. सपना तोमर, डॉ. अल्पना ओझा सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

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