आगरा का लाल कानूनी शिकंजे में: पूर्व ओलंपियन अंकित शर्मा पर मुरैना पुलिस ने घोषित किया ₹5,000 का इनाम
आगरा/पिनाहट। आगरा की पगडंडियों से अपने खेल के सफर की शुरुआत कर रियो ओलंपिक (2016) तक लंबी छलांग लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय एथलीट अंकित शर्मा गंभीर विवादों में घिर गए हैं। सरकारी दस्तावेजों और जन्म प्रमाण पत्र में हेरफेर कर अपनी उम्र करीब 5 साल कम दर्शाने के मामले में मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने उनके खिलाफ ₹5,000 का नकद इनाम घोषित किया है। लगातार पुलिस जांच से दूर रहने और हाजिर न होने के कारण पुलिस ने उन्हें फरार घोषित कर दिया है।
पिनाहट से शुरू हुई थी शुरुआती शिक्षा
मामले के अनुसार, मूल रूप से आगरा जिले के पिनाहट कस्बे के हरनौटा रोड निवासी अंकित शर्मा (पुत्र हरिनाथ शर्मा) का वास्तविक जन्म 1 अगस्त 1987 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 1995 में पिनाहट के विप्रावली स्थित प्राथमिक विद्यालय से 5वीं की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वर्ष 1999 से 2004 के बीच पिनाहट के ही गुलजारीलाल चुन्नीलाल जैन हाईस्कूल और सर्वोदय विद्या मंदिर से 8वीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की।
मुरैना के स्कूल से रचा गया उम्र बदलने का खेल
आरोप है कि पिनाहट में पढ़ाई करने के बावजूद अंकित शर्मा ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत 29 जुलाई 2002 को मध्य प्रदेश के मुरैना स्थित गणेशपुरा के शासकीय ज्योति विद्यालय में सीधे कक्षा 8वीं में दाखिला ले लिया। वहां फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) जमा कर अपनी जन्मतिथि बदलकर 20 जुलाई 1992 करवा ली। इस तरह शासकीय रिकॉर्ड में उनकी उम्र 16 साल से घटकर सीधे 11 साल हो गई।
पारिवारिक विवाद के बाद ससुर ने किया खुलासा
वर्तमान में चेन्नई में आयकर निरीक्षक (इनकम टैक्स इंस्पेक्टर) के पद पर तैनात अंकित शर्मा के इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा उनकी शादी के बाद उपजे पारिवारिक विवाद के बाद हुआ। ग्वालियर निवासी उनके ससुर डॉ. आनंद (राजकुमार) तिवारी ने करीब दो महीने पहले मुरैना के सिटी कोतवाली थाने में इस धोखाधड़ी के पुख्ता सबूतों के साथ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी जांच सही पाए जाने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
कम उम्र दिखाने के चलते अंकित कई जूनियर प्रतियोगिताओं में शामिल हुए, पदक जीते और उन्हीं खेल उपलब्धियों के आधार पर आयकर विभाग में खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल की।
क्या बोले पुलिस अधिकारी
“आरोपी खिलाड़ी अंकित शर्मा के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर उम्र कम दर्शाने और उसके आधार पर लाभ लेने का मामला दर्ज है। पुलिस जांच में सहयोग न करने और लगातार फरार रहने के कारण उनकी गिरफ्तारी पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया है। मुरैना पुलिस की एक विशेष टीम उनकी तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।”
— धर्मराज मीना, पुलिस अधीक्षक (SP), मुरैना (म.प्र.मामले का ताजा कानूनी अपडेट
• इनाम और फरार घोषित: मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने नोटिस जारी होने के बावजूद पेश न होने पर एथलीट अंकित शर्मा को भगोड़ा (फरार) घोषित किया है और उनकी गिरफ्तारी पर ₹5,000 का इनाम रखा है।
• फर्जीवाड़े का आरोप: अंकित शर्मा के ससुर (डॉ. आनंद तिवारी/राजकुमार तिवारी) ने पारिवारिक विवाद/तलाक के मामले के बीच यह शिकायत दर्ज कराई थी। आरटीआई (RTI) से निकाले गए दस्तावेजों के आधार पर आरोप है कि अंकित की वास्तविक जन्मतिथि 1 अगस्त 1987 है, जिसे उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बदलकर 20 जुलाई 1992 (लगभग 5 साल कम) करवा लिया था।
• नौकरी पर खतरा: इसी कम उम्र के आधार पर उन्होंने जूनियर प्रतियोगिताओं में मेडल जीते और बाद में खेल कोटे के तहत चेन्नई में आयकर विभाग में इंस्पेक्टर की नौकरी हासिल की।
🏃♂️ क्या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल संघ भी कार्रवाई करेंगे?
खेल जगत में उम्र की धोखाधड़ी को एक बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। हालांकि वर्तमान में एफआईआर और पुलिस जांच शुरुआती स्तर 0 पर है, लेकिन यदि पुलिस जांच में आरोप पूरी तरह सिद्ध हो जाते हैं, तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निम्नलिखित कार्रवाइयों का प्रावधान है:
1. भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) की कार्रवाई:
• सख्त शून्य-सहिष्णुता (Zero Tolerance): AFI उम्र के फर्जीवाड़े को लेकर बेहद सख्त है। महासंघ नियमों के मुताबिक किसी भी खिलाड़ी के दोषी पाए जाने पर उस पर तत्काल रूप से दीर्घकालिक या आजीवन प्रतिबंध (Life Ban) लगा सकता है।
• पदक और रिकॉर्ड वापस लेना: अंकित शर्मा ने 2016 के साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था और 8.19 मीटर की छलांग लगाकर नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। यदि फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो महासंघ उनके राष्ट्रीय रिकॉर्ड को अमान्य घोषित कर सकता है और उनके पदक वापस लिए जा सकते हैं।
. अंतरराष्ट्रीय खेल संघ और ओलम्पिक संघ
• रियो ओलंपिक 2016 पर असर: अंकित शर्मा ने 2016 के रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति और वर्ल्ड एथलेटिक्स के कड़े नियम हैं कि यदि कोई एथलीट गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देकर किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में प्रवेश पाता है, तो उसके परिणाम और भागीदारी को इतिहास से पूरी तरह खारिज कर दिया जाता है।
3. सरकारी और विभागीय गाज:
• खेल संघों के अलावा, आयकर विभाग पुलिस की चार्जशीट या जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सस्पेंड या सेवा से बर्खास्त कर सकता है, क्योंकि नौकरी पूरी तरह खेल कोटे और इन शैक्षिक दस्तावेजों पर टिकी है।
अंकित शर्मा के पक्ष का क्या कहना है?
अंकित शर्मा के परिवार ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि उनकी पत्नी के साथ चल रहे वैवाहिक और तलाक के विवाद के कारण उनके ससुर उन्हें फंसाने और उनकी छवि खराब करने की साजिश रच रहे हैं।














