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संस्कार भारती एटा ने हिंदू साम्राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष में काव्य संध्या का आयोजन किया, रिपोर्ट निशा कांत शर्मा एडवोकेट

संस्कार भारती एटा ने हिंदू साम्राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष में काव्य संध्या का आयोजन किया। छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को 06 जून 1674 को संपन्न हुआ था। अपना राज्याभिषेक करवा कर उन्होंने हिंदू साम्राज्य (हिंदवी स्वराज्य) की स्थापना की थी। इसीलिए प्रतिवर्ष इसी तिथि को हिंदू साम्राज्य दिवस मनाया जाता है।

 

संस्कार भारती एटा का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष संजय शर्मा के द्वारा स्थापित नेत्रपाल शर्मा स्मृति सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रांत संरक्षक आचार्य डॉ.प्रेमी राम मिश्र के साथ सभी आगंतुकों ने भी माता सरस्वती का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद कविवर राजेश चंद्र जैन ने हृदय स्पर्शी सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। संस्कार भारती के पूर्व प्रांतीय मंत्री उमाकांत शर्मा ने संस्था के ध्येय गीत साधयति संस्कार भारती भारते नवजीवनम् का सामूहिक गान कराया।

 

काव्य पाठ का शुभारंभ नवोदित कवि संजय सिंह लफ्ज की ओज पूर्ण कविता से हुआ। अशोक सिंह चौहान, विवेक यादव, मुरारी लाल मानव, रवि शंकर रविश एटवी ने अपनी कविता से मुग्ध किया। रामावतार आर्य कर्मयोगी की शिवाजी पर सुनाई कविता ने अतीत की स्मृतियों को तरोताजा कर दिया। ‘करो समाज सुधार अमन यदि चाहिए’ कविता द्वारा अमरेश चंद्र शर्मा ने सामाजिक चेतना का संदेश दिया।

 

साहित्य विधा कार्यक्रम संयोजक व्यंग्यकार महेश मंजुल ने अपनी कविता द्वारा सभी को आनंदित किया। काव्य संध्या के संचालक डॉ.राजेंद्र सिंह चौहान ‘राज’ ने मिलकर बोलेंगे हम वंदे मातरम् के द्वारा राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया। सांस्कृतिक चेतना के उद्घोषक अच्युतम् केशवम् ने हम समय के पहरुए हैं जागरण करने चले हैं के द्वारा जागरण का संदेश दिया। राजेश चंद्र जैन ने दार्शनिक भाव भूमि पर जीवन की व्याख्या प्रस्तुत की। जिला अध्यक्ष डॉ सुधीर पालीवाल ने ‘अग्नि में खुद को तपा कुंदन बनाना चाहता हूं, के माध्यम से जीवन को जीवंत बनाने का संदेश दिया। वरिष्ठ कवि अनूप भावुक ने अपनी कविता के द्वारा दार्शनिक अंदाज में चिंता हरण करने की रोचक दृष्टि प्रस्तुत की। संस्कार भारती के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश मिश्र ने रोचक कविता सुना कर सबको मुस्कुराने के लिए विवश कर दिया। कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य प्रेमी राम मिश्र ने कविता के माध्यम से छत्रपति शिवाजी के व्यक्तित्व का आकलन करते हुए कविता सुनाई —

हिंदू हित के लिए शिवा के चिंतन पर चलना होगा।

उसको अपना लेने पर भारत भविष्य सुखदाई है।।

 

विजय मिश्र प्रधानाचार्य सर्वोदय इंटर कॉलेज, आचार्य विजय उपाध्याय, बृजेश चौहान आदि ने भी अपना आशीर्वाद प्रदान किया। प्रांतीय मंत्री मयंक तिवारी ने आयोजन को गरिमा पूर्ण बनाने में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ राजेंद्र सिंह चौहान राज ने किया। कार्यक्रम के अंत में संजय शर्मा ने काव्य संध्या में पधारे सभी लोगों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने अत्यंत विनम्रता के साथ सभी कलमकारों को एक-एक लेखनी भेंट की।

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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