अतीक के लौंडे के चक्कर में #फुरकान_मियाँ के #एनकाउंटर को तवज्जो ना मिलीं
मोहम्मद फुरकान, कुख्यात मुकीम काला गैंग का सरगना और बहुचर्चित #कैराना_हिंदू_पलायन_प्रकरण का मुख्य आरोपी।
हाँ तो कहानी ये है की UP में सपा सरकार थी… अखिलेश भैया CM थे और फुरकान मियाँ शामली के बड़े गैंगस्टर… जलवा जलाल था…
वेस्ट UP में हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट के तहत लगभग 30 संगीन मामले दर्ज थे।
तिसपर भी सपा दौर में SHO साहब खुद चाय पिलाते थे।
बेअंदाज़ी इतनी की इसने 2014 में व्यापारी नेता विनोद सिंघल की हत्या की, मामला CM अखिलेश तक पहुचा उसके बाद भी 10 दिनों के भीतर उसने 3 बड़े (व्यापारियों की हत्या कर दी थी।
2017 में सरकार बदली, योगी जी के ऐलान से डरकर फुरकान मियाँ ने दिल्ली में शरण ले ली। सोचा 5 साल काट लेंगे, फिर परम प्रतापी अखिलेश भैया की सरकार आ ही जाएगी।
2022 में भी सरकार नहीं आई तो सोचा चलो 2027 में तो आ ही जाएगी। तब तक दिल्ली की किसी मस्जिद में मौलाना बनकर काट लेते हैं।
इसी बीच उन्हें लगा की UP में अबकी भैया की साइकिल जोर पकड़ रही है और सरकार आने ही वाली है।
फिर भाईजान अपना नेटवर्क एक्टिव करने के लिए शामली चोरी-छिपे आने-जाने लगे और #कॉकरोच_आंदोलन में दिल्ली भी पहुंच गए।
यहीं भारी मिस्टेक हो गया।
#दिल्ली_पुलिस के फेस रिकॉगनेशन ऐप में ट्रेस हो गए और दिल्ली पुलिस ने भाईजान की लोकेशन #UP_पुलिस को शेयर कर दी।
फिर क्या
कल सुबह शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत रंगाना गांव के जंगलों में तड़के UP STF ने “बिस्मिल्लाह” बोल के फातिहा पढ़ दिया।









