*आगरा में हीट वेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट*
*- अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट कक्ष, कोल्ड रूम पूरी तरह क्रियाशील, बनाए गए ‘ओआरएस कॉर्नर’*
*- शुद्ध पेयजल, आईवी फ्लूइड और आइस पैक की पर्याप्त उपलब्धता*
*- सरकारी अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी*
*आगरा, 22 अप्रैल।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए, ताजनगरी में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आरोग्य यूपी’ के संकल्प के तहत जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
*अस्पतालों में ‘कोल्ड रूम’ तैयार और एम्बुलेंस में एसी की सुविधा*
जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट कक्ष और ब्लॉक स्तर पर ‘कोल्ड रूम’ पूरी तरह क्रियाशील कर दिए गए हैं। अस्पतालों में शुद्ध पेयजल, ओआरएस कॉर्नर, आईवी फ्लूइड और आइस पैक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा 102 और 108 सेवा की सभी एम्बुलेंस में एयर कंडीशनिंग और हीट स्ट्रोक के प्राथमिक उपचार हेतु जरूरी किट की व्यवस्था कर दी गई है, ताकि मरीज को अस्पताल लाते समय रास्ते में ही राहत मिल सके।
*आम जनमानस के लिए दिशा-निर्देश*
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि प्यास न लगने पर भी अधिक से अधिक पानी पिएं और घर के बने तरल पदार्थ जैसे लस्सी, नींबू पानी और छाछ का प्रयोग करें। दोपहर 12:00 से 3:00 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। साथ ही, शराब, चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थों से बचने को कहा गया है क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) पैदा करते हैं।
अपर निदेशक स्वास्थ्य/ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप हमने सभी चिकित्सा इकाइयों पर इंतजाम पूर्ण कर लिए हैं। यदि किसी को चक्कर आए, तेज सिर दर्द, उल्टी या 104 डिग्री से अधिक बुखार महसूस हो, तो उसे तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं या 108 एम्बुलेंस को कॉल करें। समय पर इलाज ही जीवन बचा सकता है।
नेशनल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ (एनपीसीसीएचएच) कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र मोहन प्रजापति ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश हैं कि दोपहर के समय श्रमिकों से भारी श्रम वाला कार्य न कराएं। कार्य के बीच में लघु अवकाश दें और छायादार स्थल व ठंडे पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। मजदूरों की सेहत हमारी प्राथमिकता है।








