संसार में जब ठोकर लगती है तो सहारा केवल प्रभु का होता है : चिन्मयानंद बापू
गड़वार(बलिया)
मन को पवित्र करने के लिए भगवान नाम हरिकीर्तन जरूरी हैं। रामकथा की महिमा बहुत है। रामकथा किसी भी शर्त पर श्रवण करने को मिले इसे मत छोड़ों। जगत को विश्राम केवल भगवान श्रीराम के चरणों में मिलता है। जगत में केवल भटकाव है,विश्राम नही। भगवान की कृपा से परेशान जीव को भी विश्राम उपलब्ध होता है। प्रभु श्रीराम का नाम मन के विश्राम के लिए आवश्यक हैं। उक्त बातें श्री जंगली बाबा धाम गड़वार पर आयोजित हरिहरात्मक महायज्ञ में रामकथा के तीसरे दिवस हरिद्वार से पधारे अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने मानस मंच से प्रवचन पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु श्रोतागणों से कथा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि संसार से जब ठोकर लगती है तो तब केवल प्रभु का सहारा होता है। इसलिए कहते हैं कि जगदीश पर हमारा भरोसा प्रबल होना चाहिए, जिससे कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी समाधान हो जाता हैं। कहा कि भगवान की लीला के पीछे कोई न कोई कारण छिपा होता है। चिन्मयानंद बापू ने बताया कि भगवान का जन्म नहीं होता,वह प्रकट होते हैं। जिस प्रकार दूध में घी होता हैं,लेकिन दिखाई नही देता। उसी प्रकार ईश्वर सर्वत्र,सर्वदा व समान रूप से विद्यमान हैं। वहीं हरिहरात्मक महायज्ञ में यज्ञ मंडप की भी श्रद्धालु जन परिक्रमा कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र भक्ति व श्रद्धा से सराबोर हो गया है। लोगों में इस महायज्ञ को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। यज्ञ स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी हितेश कुमार अपने दल-बल के साथ चक्रमण करते नजर आए।
















