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अभियोजन कार्यों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने प्रभावी पैरवी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं दोषसिद्धि बढ़ाने पर दिया जोर, रिपोर्ट आयुष भारद्वाज एडवोकेट

*अभियोजन कार्यों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने प्रभावी पैरवी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं दोषसिद्धि बढ़ाने पर दिया जोर*

 

*गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों को समय से न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश*

 

*बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों एवं नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर संयुक्त रूप से करें प्रभावी कार्रवाई : जिलाधिकारी*

 

एटा, 30 अक्टूबर 2026 (सू0वि0)। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों एवं नारकोटिक्स से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायालयों में लंबित वादों, दोषसिद्धि एवं दोषमुक्ति के प्रकरणों, अभियोजन की प्रभावशीलता, गंभीर आपराधिक मामलों में पैरवी की स्थिति तथा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में दोषसिद्धि अथवा दोषमुक्ति हुई है, उनकी पत्रावलियों का गहन अध्ययन कर यह विश्लेषण किया जाए कि किन तथ्यों, साक्ष्यों एवं विधिक आधारों पर न्यायालय द्वारा निर्णय दिया गया। अभियोजन के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य एवं अभिलेख समय से न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं तथा गवाहों के बयानों में किसी प्रकार की विसंगति न आने पाए। उन्होंने ट्रायल पर चल रहे टॉप-10 महत्वपूर्ण मामलों की सूची उपलब्ध कराने तथा उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के मामलों में पुलिस एवं अभियोजन अधिकारी आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पैरवी सुनिश्चित करें। डकैती से संबंधित मामलों में स्पेशल कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे दोषियों को सजा दिलाई जा सके। उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि सुनवाई के दौरान प्रस्तुत महत्वपूर्ण तर्कों, न्यायालय की टिप्पणियों तथा निर्णय के आधार बने प्रमुख बिंदुओं का विश्लेषण किया जाए, ताकि अभियोजन की कमियों को दूर कर भविष्य में दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाया जा सके।

नारकोटिक्स एवं अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश

नारकोटिक्स से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग एवं ड्रग इंस्पेक्टर को आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना लाइसेंस संचालित अथवा अवैध गतिविधियों में संलिप्त मेडिकल स्टोरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित दवाओं, नशीले इंजेक्शनों एवं अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर सतत निगरानी रखी जाए तथा इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा नियमित जांच एवं समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में केवल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए विवेचना से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक प्रत्येक स्तर पर गंभीरता बरती जाए। विद्यालयों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए तथा नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए। विद्यालयों के आसपास किसी भी स्थिति में नशीले पदार्थों की बिक्री न होने पाए। इसके लिए संबंधित विभाग निरंतर निगरानी एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने गंभीर एवं संवेदनशील आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों के संकलन, परीक्षण तथा न्यायालय में समयबद्ध प्रस्तुतीकरण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट एवं अन्य तकनीकी साक्ष्य अनावश्यक रूप से लंबित न रखे जाएं। विवेचना अधिकारी एवं अभियोजन अधिकारी आपसी समन्वय से प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्यों की गुणवत्ता एवं विधिक मजबूती सुनिश्चित करें, ताकि अपराधियों को किसी भी प्रकार की विधिक कमी का लाभ न मिल सके।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अपराध सच्चिदानंद ने पुलिस विभाग की ओर से उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्यों के संकलन तथा अभियोजन अधिकारियों के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा की कि न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अभिलेख एवं साक्ष्य समय से उपलब्ध कराए जाएं तथा नारकोटिक्स एवं अवैध दवा कारोबार के विरुद्ध भी नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।

बैठक में अभियोजन अधिकारी द्विजेंद्र सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता, जिला आबकारी अधिकारी अनूप कुमार, पुलिस विभाग के अधिकारी, अभियोजन अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला सूचना कार्यालय, एटा

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