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गृहस्थ जीवन में ईमानदारी की कमाई और प्रभु भक्ति से ही संभव है आत्म-कल्याण : संत पंकज जी महाराज

रिपोर्ट: एके बिन्दुसार (प्रधान संपादक)

  • सिकरी (मीरजापुर) में जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा का 65वाँ पड़ाव संपन्न
  • मांसाहार और मद्यपान त्यागकर शाकाहारी व सदाचारी बनने का दिया संदेश
  • 17 से 21 दिसंबर तक मथुरा में आयोजित होगा वार्षिक भंडारा सत्संग मेला

पड़री/पहाड़ी (मीरजापुर), 24 अक्टूबर: जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज के नेतृत्व में मीरजापुर जनपद में चल रही ‘शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा’ का 65वाँ पड़ाव थाना पड़री अंतर्गत ग्राम सिकरी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित विशाल सत्संग समारोह में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महाराज जी ने गृहस्थ धर्म, सदाचार और प्रभु भक्ति का महत्व समझाया।

मेहनत की कमाई और प्रभु भक्ति का मार्ग संत पंकज जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि सभी आश्रमों में गृहस्थ आश्रम सर्वश्रेष्ठ है। गृहस्थ में रहकर मनुष्य को ईमानदारी और परिश्रम से जीविका कमानी चाहिए तथा थोड़ा समय निकालकर प्रभु की भक्ति कर अपना आत्म-कल्याण करना चाहिए। उन्होंने स्मरण कराया कि जन्म से पूर्व गर्भ में हर जीव ने प्रभु-भजन का संकल्प लिया था, जिसे संसार में आकर सांसारिक वस्तुओं के संग्रह की दौड़ में भुला दिया जाता है। अंत समय में हिंसा, अपराध और अशुद्ध खान-पान केवल पश्चाताप और पाप का भागी बनाते हैं।

मनुष्य शरीर रूपी मंदिर को शुद्ध रखने की अपील उन्होंने कहा कि हजारों बुराइयों की जड़ शराब का त्याग करें और समाज में मां, बहन, बेटी के प्रति सम्मान की भावना रखें। अपने बनाए मंदिरों को पवित्र रखने वाले मनुष्य को ईश्वर के बनाए इस ‘मानव मंदिर’ में मांस और मदिरा जैसी अशुद्ध चीजें नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरत-शब्द योग की साधना से जब दिव्य दृष्टि खुलेगी, तब कर्मों के दुष्परिणाम और नर्कों की यातनाएं समझ में आएंगी।

सुरत-शब्द योग की साधना कलयुग में प्रभु प्राप्ति और आत्म-कल्याण के लिए महाराज जी ने सुमिरन, ध्यान और भजन की सरल विधि विस्तार से समझाई। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को इसे नित्य जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सत्संग द्वारा दी गई यह आध्यात्मिक औषधि नियमित अभ्यास से ही फलदायी होगी।

मथुरा में वार्षिक भंडारे का आमंत्रण महाराज जी ने बताया कि आगरा-दिल्ली बाईपास (मथुरा) स्थित बाबा जयगुरुदेव जी महाराज का अनूठा वरदानी मंदिर स्थापित है, जहाँ बुराइयों को अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने आगामी 17 से 21 दिसंबर तक आयोजित होने वाले ‘जयगुरुदेव वार्षिक भंडारा सत्संग मेला’ में सभी श्रद्धालुओं को सपरिवार पधारने का न्योता दिया।

प्रशासन का आभार और अगला पड़ाव सत्संग की शांति एवं सुव्यवस्था में पुलिस-प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा। महाराज जी ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सुखद जीवन की मंगलकामना की।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष घूरन प्रसाद, संगठन मंत्री व प्रवक्ता मोती लाल सिंह, रामविलास, भानु प्रताप, विश्वनाथ गुप्ता सहित कुशीनगर संगत के वैजनाथ वर्मा, धर्मेंद्र सिंह, रामअवध चौधरी, रामधनी कुशवाहा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सत्संग उपरांत जनजागरण यात्रा अपने 66वें पड़ाव के लिए ग्राम भुसरौल (ब्लॉक पहाड़ी) रवाना हो गई, जहाँ अगला सत्संग कार्यक्रम आयोजित होगा।

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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