*साइबर जागरूकता माह के अंतर्गत जनपद के समस्त थानों की पुलिस द्वारा अपने अपने थाना क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं का आयोजन कर आमजन/ छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक।*
⏩*साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल्स और अज्ञात लिंक्स से बचने के तौर-तरीकों की दी गई विस्तृत जानकारी।*
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एटा डॉ0 इलामारन जि. के कुशल निर्देशन में साइबर जागरूकता माह के अंतर्गत साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आज दिनांक 17.10.2026 को जनपद एटा के समस्त थानों की पुलिस टीमों द्वारा अपने अपने थाना क्षेत्रों में गाँव/कस्बे/ विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों का वृहद स्तर पर आयोजन किया गया।
👉🏻*कार्यक्रम के मुख्य बिंदु एवं दी गई जानकारियां:*
साइबर अपराधों से बचाव: कार्यशालाओं के दौरान छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय में हो रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी कॉल्स और अज्ञात लिंक्स से बचने के तौर-तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
➡️*वित्तीय सुरक्षा:-* किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी (ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन आदि) साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई।
➡️*सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग:* सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सतर्कतापूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक या लुभावने प्रलोभन से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया।
➡️*हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार-प्रसार:* छात्र-छात्राओं और उपस्थित स्टॉफ को महिला सुरक्षा एवं आपातकालीन सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों— 1090 (वीमेन पावर लाइन), 112 (इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम), 181 (महिला हैल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) तथा साइबर अपराध के लिए 1930 के बारे में विस्तार से बताया गया।
➡️*पुलिस की अपील*
किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या वित्तीय ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।
*एटा पुलिस आमजन की सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।*















