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प्रशासन और PWD को 5 दिन का अल्टीमेटम, मांग पूरी न होने पर जिला मुख्यालय घेरने की चेतावनी, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

समय सीमा बीतने के बाद भी नहीं शुरू हुआ उसैद घाट का पीपा पुल, व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया धरना

• प्रशासन और PWD को 5 दिन का अल्टीमेटम, मांग पूरी न होने पर जिला मुख्यालय घेरने की चेतावनी

• 15 अक्टूबर से शुरू होना था संचालन, दो महीने से स्टीमर सेवा भी बंद होने से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश

पिनाहट (आगरा)।

चंबल नदी के उसैद घाट पर तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी पैंटून (पीपा) पुल का संचालन शुरू न होने से नाराज पिनाहट कस्बे के व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को व्यापार मंडल और मानवाधिकार संगठन के आह्वान पर कस्बे के समस्त व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान और बाजार पूरी तरह बंद रखकर अभूतपूर्व हड़ताल की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में व्यापारी और स्थानीय नागरिक मुख्य मार्ग पर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और लोक निर्माण विभाग (PWD) व संबंधित ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

15 अक्टूबर की समय सीमा का नहीं रखा ध्यान

आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे व्यापार मंडल व मानवाधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा और वरिष्ठ व्यापारी नेता विष्णु कुमार ने कहा कि हर वर्ष इस पीपा पुल का संचालन 15 अक्टूबर से 14 जून (8 महीने) के लिए किया जाता है। जब विभाग को भली-भांति ज्ञात था कि 15 अक्टूबर से पुल चालू होना है, तो समय रहते मरम्मत और तकनीकी कार्य क्यों पूरे नहीं किए गए? लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की इस घोर लापरवाही का खामियाजा दोनों राज्यों (उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश) के लाखों नागरिकों तथा स्थानीय व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। आवागमन पूरी तरह ठप होने से कस्बा पिनाहट का व्यापार चौपट हो गया है और व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

स्टीमर भी बंद और पक्के पुल की आस भी अधर में

स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में इस बात को लेकर भी गहरा आक्रोश है कि पिछले दो महीनों से चंबल नदी पर स्टीमर (मोटरबोट) का संचालन भी पूरी तरह बंद पड़ा है। सावन के महीने में कैंजरा घाट पर स्टीमर बहने की घटना के बाद से मुरैना (मध्य प्रदेश) जिला प्रशासन ने स्टीमर के संचालन पर रोक लगा रखी है। ऐसे में जनता के पास नदी पार करने का कोई साधन नहीं बचा है। वहीं दूसरी ओर, वर्षों से निर्माणाधीन पक्के पुल (एप्रोच मार्ग विवाद के कारण) का काम भी पूरा नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्र के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

थानाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन, जिला मुख्यालय पर धरने की चेतावनी

धरने की सूचना मिलते ही पिनाहट के थानाध्यक्ष वीरेश पाल गिरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। व्यापारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी (SDM) बाह को संबोधित एक तीखा ज्ञापन थानाध्यक्ष को सौंपा। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी 5 दिनों के भीतर पीपा पुल का संचालन युद्धस्तर पर कार्य कराकर शुरू नहीं किया गया, तो वे आगरा जिला मुख्यालय पर जाकर विशाल धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

धरने में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद:

धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से मानवाधिकार संगठन व व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, वरिष्ठ व्यापारी विष्णु कुमार, अशोक वर्मा, चंद्रसेन तिवारी (पुल ठेकेदार), स्थानीय व्यापारी संघ के पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व क्षेत्रीय दुकानदार उपस्थित रहे।

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