एटा से दिल्ली हाईवे पर
परिवहन विभाग के चालक और परिचालक सवारियों से करते है लूट
अपने कमिशन वाले होटलों पर रोकते है गाड़ियां
अपनी जेब गरम और गरीब मजदूरों का निवाला हजम
सवारियों को होटलों पर परोसा जाता हैं घटिया किस्म का खाना
घटिया किस्म के आलू की टिकिया 50 रूपये की दो कुल्चे 50 रूपये के
अगर सवारी को कोई खाने की चीज खराब लग तो सवारी की कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं
बल्कि उसको होटल की सभी लेवर मार पीट करने को हो जाते है तैयार
एक खाली दोना की कीमत पचास रुपए है।
जब जादा कहा सुनी हो जाती है।
तो उसे होटल के कर्म चारी उसको होटल मालिक के पास भेज देते है।
फिर होटल मालिक का तीखा जवाब वहां से आया है तू
बाबूजी एक खाली दोना चाहिय
एक खाली दोना की कीमत पचास रुपए है दोना चाहिय चल निकल यहां से
यहां अगर ऊंची आवाज में मत करना बर्ना क्या होगा तेरा
मार पीट की नौबत आ गई बिचारे कि सुनी किसीने नही
कौन सुनेगा सवारियों की आखिर नीरसता ही हाथ लगी
सभी डिपो की गाड़ियां पहुंच ती है।







