*एटा में अवैध खनन पर दो लाख का जुर्माना, जलेसर में रातभर कथित खनन पर कब होगी बड़ी कार्रवाई?*
*जलेसर* । जनपद में अवैध खनन एवं उपखनिजों के अवैध परिवहन पर जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली के निर्देश पर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। कोतवाली मारहरा क्षेत्र में साधारण मिट्टी के अवैध खनन एवं परिवहन के मामले में पकड़े गए ट्रैक्टर-लोडर के वाहन स्वामी पर दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जिला सूचना कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति खनन अथवा उपखनिजों का अवैध परिवहन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लेकिन तहसील जलेसर क्षेत्र में रात के अंधेरे में कथित रूप से मिट्टी के अवैध खनन और परिवहन को लेकर लगातार उठ रहे सवाल प्रशासन की कार्रवाई की जमीनी हकीकत पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर रात के समय ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ बड़े डंपरों की आवाजाही जारी रहती है। आरोप है कि जेसीबी एवं अन्य मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर जमीन को कई-कई फीट तक खोदा जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन अवैध खनन के एक मामले में दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाकर सख्ती का संदेश दे रहा है, तो जलेसर तहसील क्षेत्र में कथित रूप से रातभर चल रही खनन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी? क्या संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं है, या फिर निगरानी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं?
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह भी महत्वपूर्ण है कि संबंधित अधिकारी मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। यदि बिना अनुमति खनन और परिवहन की पुष्टि होती है तो नियमों के तहत संबंधित वाहन मालिकों और खननकर्ताओं पर भी उसी तरह कठोर कार्रवाई की जाए, जैसी कार्रवाई मारहरा क्षेत्र में की गई है।
जिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। अब निगाहें जलेसर क्षेत्र पर हैं कि कथित अवैध खनन के गहरे होते गड्ढों और रात में दौड़ते वाहनों पर प्रशासन की नजर कब पड़ती है और कार्रवाई कब जमीन पर दिखाई देती है।
जिला सूचना कार्यालय, एटा की विज्ञप्ति ने कार्रवाई का संदेश तो दिया है, लेकिन जलेसर क्षेत्र के आरोपों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई ही इस सख्ती की वास्तविक परीक्षा होगी।यदि आप चाहें तो इसे मैं और ज्यादा धारदार “बिग ब्रेकिंग/खोजी रिपोर्ट” शैली में भी तैयार कर सकता हूँ, जिसमें जलेसर के खनन वाले स्थानों और रात में डंपरों की आवाजाही का क्रमवार उल्लेख हो।
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