एटा बिग ब्रेकिंग
छात्र का दावा—पुलिस ने मुझे अपराधी बना दिया, CCTV और FIR के समय पर उठे सवाल
एटा में एक छात्र की पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर शिकायत ने खड़े किए कई सवाल।
पीड़ित प्रवीन कुमार का दावा—मैं पढ़ने-लिखने वाला हूं, पढ़ाई के साथ पिता के भोजनालय के काम में हाथ बंटाता हूं,
लेकिन पुलिस कार्रवाई के बाद मुझे अपराधी बना दिया गया।
पीड़ित का आरोप—SI अमीर अहमद द्वारा ₹15 हजार महीना मांगे जाने की बात कही गई, रकम देने से इनकार करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप।
CCTV को लेकर—पीड़ित पक्ष के मुताबिक वायरल CCTV में दोपहर 12:22 बजे पुलिसकर्मी प्रवीन को भोजनालय से अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
वहीं पुलिस की FIR में गिरफ्तारी का समय करीब 3 बजे और स्थान बिजलीघर के पास बताया गया है, साथ ही शराब बरामदगी का उल्लेख है।
यानी CCTV में कथित तौर पर दिखाई दे रहा घटनाक्रम और पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज गिरफ्तारी का समय अलग-अलग होने का दावा—अब जांच की मांग।
पीड़ित ने SSP कार्यालय पहुंचकर CCTV फुटेज, पुलिस रिकॉर्ड और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जो युवक खुद को छात्र बता रहा है, क्या उसे कानून की कार्रवाई के तहत पकड़ा गया या CCTV और FIR के बीच कथित अंतर किसी दूसरे घटनाक्रम की ओर इशारा करता है?
अगर जांच में CCTV और पुलिस रिकॉर्ड के बीच अंतर सामने आता है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि छात्र को कब, कहां और किन परिस्थितियों में पुलिस ने हिरासत में लिया?
पूरा मामला थाना रिजोर क्षेत्र के कस्बा रिजोर का बताया जा रहा है।














