रिपोर्ट: निशाकांत शर्मा
लखनऊ। पूर्व IPS अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर, जो स्वयं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के CEO पद के आवेदक रहे हैं, ने CEO के चयन की प्रक्रिया पर फिर गंभीर सवाल उठाये हैं।
उन्होंने ट्रस्ट को भेजे अपने पत्र में कहा है कि पूर्व IPS अधिकारी राजेश पाण्डेय के हालिया सार्वजनिक पॉडकास्ट में दिये बयान के अनुसार, सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा अंतिम चरण के 16 उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे और उन्होंने साक्षात्कार में भाग नहीं लिया था। राजेश पाण्डेय ने यह भी कहा कि उन्हें अपना चयन लगभग निश्चित लग रहा था, लेकिन बाद में निर्णय बदल गया।
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यदि यह कथन सही पाया जाता है, तो यह केवल अंतिम नियुक्ति ही नहीं, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया को गंभीर रूप से प्रश्नांकित करता है। विशेष रूप से यह स्पष्ट होना चाहिए कि यदि मिश्रा अंतिम निर्धारित चरण में शामिल नहीं थे, तो उनका नाम अंतिम तीन में किस आधार पर आया और उनका चयन किस आधार पर किया गया।
ठाकुर ने ट्रस्ट से स्पष्ट और संतोषजनक स्पष्टीकरण तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर वे चयन प्रक्रिया एवं नियुक्ति को उचित न्यायिक/वैधानिक मंच के समक्ष चुनौती देने सहित उपलब्ध विधिक उपाय अपनाएंगे।















