*सात-आठ साल से जलभराव में डूबा बैरनी गांव, गलियों में 2 से 3 फीट पानी; ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार*
_नालियों की निकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से बिगड़े हालात, गंदे पानी और संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा_
*तुर्रम सिंह राजपूत✍️*
जलेसर/एटा। तहसील जलेसर क्षेत्र के ग्राम बैरनी में लंबे समय से जलभराव की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव की गलियों में करीब 2 से 3 फीट तक पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी जलेसर को प्रार्थना पत्र देकर जल निकासी एवं सफाई की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले सात-आठ वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। बरसात के दिनों में स्थिति और विकराल हो जाती है। गंदा पानी गलियों में भरा रहने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से गांव की गलियों का पानी नालियों के माध्यम से गांव से बाहर निकलता था, लेकिन वर्ष 1985 में चकबंदी के बाद नाली का नक्शा लेखपाल द्वारा तैयार किए जाने के बाद से जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 7-8 वर्ष पूर्व गली के सामने स्थित स्रोत पर बांध लगाए जाने से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई।
जलभराव के कारण गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया समेत संक्रामक बीमारियों का खतरा भी ग्रामीणों को सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने एसडीएम जलेसर से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने तथा जल निकासी और सफाई की उचित व्यवस्था तत्काल कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं।















