*बिलासपुर से दिल्ली तक गूंजा पत्रकार उत्पीड़न का मामला*
*स्वतंत्र पत्रकार सोमा देवांगन की गिरफ्तारी पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन का सरकार को सीधा अल्टीमेटम*
*नई दिल्ली / बिलासपुर :-* छत्तीसगढ़ में स्वतंत्र पत्रकार सोमा देवांगन की अलोकतांत्रिक और द्वेषपूर्ण गिरफ्तारी ने पूरे देश के पत्रकार जगत को झकझोर कर रख दिया है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हुए इस हमले के खिलाफ अब आवाज बुलंद हुई है।
इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में *भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार* ने मोर्चा संभाल लिया है। बिलासपुर में पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक (IG) से विभिन्न पत्रकार संगठनों और पत्रकारों द्वारा मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन का समर्थन करते हुए उन्होंने सरकार से तत्काल न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला मानता है।
*एके बिंदुसार का दो-टूक बयान – पत्रकारिता अपराध नहीं, लोकतंत्र की आत्मा है*
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए *भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार* ने कहा –
> “पत्रकारिता कोई अपराध नहीं, लोकतंत्र की आत्मा है। सोमा देवांगन की गिरफ्तारी एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सच को कैद करने की सोची-समझी साजिश है। यह स्वतंत्र आवाजों का गला घोंटने और हर बेखौफ कलम को डराने का कुत्सित प्रयास है।”
उन्होंने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा –
> “मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि अगर पत्रकारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ और सोमा देवांगन को न्याय नहीं मिला, तो भारतीय मीडिया फाउंडेशन चुप नहीं बैठेगा। यह लड़ाई केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगी। जरूरत पड़ी तो यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन में बदल जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर की ओर से राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी हरीश चौबे ने कहा कि पत्रकार उत्पीड़न लगातार हो रहा है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उन्होंने संगठन की ओर से 3 सूत्रीय मांग रखी है-*
*1.* सोमा देवांगन की गिरफ्तारी की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
*2.* उन पर लगाए गए फर्जी आरोपों को तत्काल निरस्त किया जाए।
*3.* प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल प्रभाव से लागू कर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त मांगों पर सरकार तत्काल विचार करें अन्यथा आगे बड़े आंदोलन के लिए हमें बाध्य होना होगा।















