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मेडिकल कॉलेज में मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर कथित रिश्वत—प्राचार्य की निगरानी पर बड़ा सवाल!, रिपोर्ट दिनेश चंद्र शर्मा

एटा बिग ब्रेकिंग

मौत के बाद भी ‘वसूली’ का आरोप!

मेडिकल कॉलेज में मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर कथित रिश्वत—प्राचार्य की निगरानी पर बड़ा सवाल!

मौत के बाद परिवार को प्रमाण पत्र चाहिए था, लेकिन शिकायत के मुताबिक सामने आया ‘पैसों का खेल’—आखिर मेडिकल कॉलेज में निगरानी तंत्र कर क्या रहा है?

पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ₹2,300 लेने का आरोप—₹1,500 ऑनलाइन भुगतान का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल।

शिकायत में ₹2,000 कैश लेने का भी आरोप—पैसे लेने के बावजूद मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं देने का दावा।

अवनि परिधि के नोडल अधिकारी की निगरानी पर भी सवालिया निशान—जब व्यवस्था उनके अधीन है, तो मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी जरूरी सेवा में कथित वसूली की शिकायत आखिर कैसे सामने आई?

क्या प्राचार्य और नोडल अधिकारी की निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है?

परेशान परिजन ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की—शिकायत में संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दर्ज।

सबसे बड़ा सवाल—मौत के बाद परिवार को राहत मिलनी चाहिए थी, लेकिन अगर प्रमाण पत्र के लिए भी कथित पैसे देने पड़ें, तो मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल उठना लाजिमी है।

अब नजर जांच पर—क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय होगी, या फिर कथित वसूली का यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?

फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी, लेकिन शिकायत, भुगतान के दावे और वायरल स्क्रीनशॉट ने मेडिकल कॉलेज की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

खबर वही, जो सवाल उठाए… और सच सामने लाए।

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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