देख-रेख के अभाव में करोडों रूपयों से बनी एमसीएच बिंग हो रही है जर्जर, रिपोर्ट दिनेश चंद्र शर्मा

*देख-रेख के अभाव में करोडों रूपयों से बनी एमसीएच बिंग हो रही है जर्जर*

*एमसीएच बिंग में आसानी से चल सकता है एटा जिला चिकित्सालय*

*पूरी विल्डिंग में पानी और शौचालयों की अव्यवस्था कार्यालयीय अधिकारी-कर्मचारी परेशान*

*दूसरी मंजिल को शौच और लघुशंका करने वालों ने बनाया नर्क*

-मदन गोपाल शर्मा
एटा। करोडों रूपयों की लागत से बनी 9 मंजिला एमसीएच विंग देख रेख के अभाव में जर्जर हो रही है। 5-6 वर्ष पूर्व ठेकेदार से हैंडओवर हुई इस विल्डिंग में टाइल्स, दीवारों और छत का प्लास्टर टूट-टूटकर गिरने लगा है। पूरी विल्डिंग में पानी की सप्लाई न होने से विल्डिंग की दूसरी मंजिल को शौच और लघुशंका करने वालों ने नर्क बना दिया है। इस विल्डिंग तक पहुंचने वाले दोनों रास्तों को बरसात में मलवा और ताजा मिट्टी डालकर कीचड़युक्त बना दिया है। अपने वजूद के लिए फडफडा रहे एटा जिला चिकित्सालय चलाने के लिए इस विल्डिंग में पर्याप्त स्थान है, लेकिन अपने निजी स्वार्थों की वजह से इस विल्डिंग में जिला चिकित्सालय को स्थान नहीं दिया जा रहा है और इस बेशकीमती विल्डिंग को जानबूझकर जर्जर किया जा रहा है जबकि बहुत ही कम लागत और मरम्मत में यहां सुचारू व्यवस्था हो सकती है। वहीं इस विल्डिंग में कोई वार्ड संचालित न होने के बावजूद भी आक्सीजन की पाइप लाइन डलवा कर सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय(मेडिकल कालेज) एटा के नियंत्रण में एमसीएच बिंग की 9 मंजिला विल्डिंग देख-रेख के अभाव में दुर्दशा का शिकार बन रही है। इस विल्डिंग में उ0प्र0 एड्स नियंत्रण सोसाइटी के अन्तर्गत आने वाले सभी कार्यालय, एचआईवी परीक्षण लैव, एआरटी सेंटर, आयुष विंग के अंतर्गत आने वाला होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालय, ओ0एस0टी0 केन्द्र, महिला चिकित्सालय की कोल्ड चेन, जिला होम्योपैथिक चिकित्सालय व जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित हैं। इस विल्डिंग में सैकड़ों की संख्या में मरीज उपचार हेतु आते रहते हैं। विल्डिंग में पानी सप्लाई न होने से शौचालय चोक हैं, शौचालयों में भारी गंदगी होने से मरीज और कार्यालयों के कर्मचारियों को दूसरी मंजिल पर लघुशंका एवं शौच को जाना पड़ता है जिससे यह मंजिल नर्क बन गई है। बताया गया है कि कुछ दिनों पूर्व मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने इस विल्डिंग में निरीक्षण किया था तब कर्मचारियों को आश्वस्त किया था कि समस्याओं का शीघ्र समाधान कर दिया जाएगा लेकिन आज भी समस्या जस की तस है। दो वर्ष पूर्व जब इस विल्डिंग में मेडिकल कालेज की ओपीडी और महिला चिकित्सालय चलता था तब यहां की नियमित साफ-सफाई होने से विल्डिंग में शौचालय आदि की कोई समस्या नहीं थी।
अपने वजूद को लेकर फड़फड़ा रहे जिला चिकित्सालय को एमसीएच विंग में आसानी से संचालित किया जा सकता है परन्तु जिम्मेदार अधिकारी इस विल्डिंग में जिला चिकित्सालय को संचालित कराने में रूचि नहीं ले रहे हैं। जिला चिकित्सालय जिला मुख्यालय पर ही संचालित होना चाहिए लेकिन अधिकारी अपने किन्हीं स्वार्थों की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में जिला चिकित्सालय के लिए जगह तलाश कर रहे हैं। जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को एमसीएच विंग में जिला चिकित्सालय संचालित करने के लिए प्रस्ताव भेजना चाहिए और जनपद में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली जिला योजना की बैठक में इस प्रस्ताव को रखना चाहिए ताकि शासन तक यह मांग पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्र में जिला चिकित्सालय के लिए भूमि तलाशने पर विराम लग सके तथा मरीजों को एटा जिला चिकित्सालय में मिलने वाली सुविधायें जिला मुख्यालय पर ही मिल सकें।

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