न बैनामा और न पैतृक जमीन, फिर भी यहां प्लाट हमारा है : भू-माफिया, रिपोर्ट मदन गोपाल शर्मा 

न बैनामा और न पैतृक जमीन, फिर भी यहां प्लाट हमारा है : भू-माफिया

 

नगर पालिका एटा पक्का नाला बना कर एमपी नगर और कटरा मौहल्ला को करे गंदगी मुक्त

 

 

एटा। कटरा मौहल्ला और महाराणा प्रताप नगर के बीच का क्षेत्र कभी यहां चारों ओर पानी ही पानी दिखाई देता था अब पानी सूख जाने से इस क्षेत्र की कीमती जमीन पर कब्जा करने की मुहिम चलने लगी है। हालांकि इस क्षेत्र में जब बहुत पानी भरा था तब प्लाट बेचने वालों ने पानी पर बांस से नाप कर, ईंट का टुकड़ा अथवा मिट्टी का ढेला फेंक कर प्लाट बेच दिए। प्लाट खरीदने वाले कुछ चालाक किस्म के लोगों ने पानी में मिट्टी डालकर अपने प्लाट से दोगुनी जगह पर कब्जा कर लिया जिससे अनेकों खरीददारों के यहां प्लाट ही खो गए हैं। अवैध कब्जेदारों ने कब्जा की हुई जगह पर पक्की बाउंड्री और गेट लगा लिया है, कुछ ने आगे दुकान बनाकर किराए पर उठा दीं और पीछे कोई निर्माण इसलिए नहीं किया है कि इन जगहों के असली मालिक होने के कागज उनके पास नहीं हैं। ऐसे लोगों में किसी ने गैराज बनाया तो किसी ने विवाह स्थल बना कर कमाई का साधन बना लिया है। यही लोग इस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा जगह घेरकर कमाई का साधन बनाना चाहते हैं। जब भी नगर पालिका कोई निर्माण कार्य कराना चाहती है तो नाले की जगह को भी अपना प्लाट बताने से नहीं चूक रहे। जबकि न उनके पास जगह का बैनामा है और न पैतृक जमीन फिर भी कह रहे हैं प्लाट हमारा है। उनका प्रयास तो यह भी है कि वर्षों से चल रहा नाला और उसकी पुलिया नगर पालिका यहां न बनाए, उनके लिए नगर पालिका द्वारा नक्शा पास कराकर बनाए गए मकानों वाली गली में, गली को खुदवाकर नाले को बनाया जाए। क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है उनका कहना है कि नगर पालिका परिषद जहां नाला और पुलिया पहले से बनी है वहां नयी चौड़ी पुलिया और पक्का नाला निर्माण कराकर इस क्षेत्र से जल भराव और गंदगी से मुक्त करा दिया जाए।

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