उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए धरना, कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन
एटा दिव्यांगजन, दिव्यांग विद्यार्थी, उनके अभिभावक एवं सामाजिक संगठनों ने दिव्यांगजनों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है आज पांचवा दिन। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPWD Act), शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act), राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP) तथा सुगम्य भारत अभियान में दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में इनका क्रियान्वयन अब तक अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पाया है।
दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता अमित कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश के लाखों दिव्यांगजन आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुगम सार्वजनिक सेवाओं, न्याय तक समान पहुँच तथा सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उनका ईमानदारी व प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने निम्न प्रमुख माँगें रखीं: सुगम शिक्षा: सभी विद्यालयों में रैंप, रेलिंग, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, विशेष शिक्षक, ब्रेल पुस्तकें, स्क्रीन रीडर, सांकेतिक भाषा, व्हीलचेयर, लेखक (स्क्राइब), अतिरिक्त समय व परिवहन सहायता उपलब्ध कराई जाए। विद्यालय छोड़ चुके दिव्यांग बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक विद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए नोडल शिक्षक नामित किए जाएं।
पूर्णतः सुगम राज्य: सभी सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों, पुलिस थानों, अस्पतालों, बस अड्डों, पंचायत भवनों आदि में रैंप, रेलिंग, लिफ्ट व दिव्यांग अनुकूल शौचालय की व्यवस्था की जाए। सभी सरकारी भवनों का नियमित सुगम्यता ऑडिट कराया जाए तथा वेबसाइटों व ऑनलाइन सेवाओं को दिव्यांग-अनुकूल बनाया जाए। प्रत्येक जनपद में सुगम्यता निगरानी समिति गठित की जाए। UDID कार्ड व प्रमाणपत्र: प्रत्येक विकास खंड व ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर दिव्यांग प्रमाणपत्र व UDID कार्ड की प्रक्रिया सरल बनाई जाए तथा लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
न्याय व पुलिस सेवाओं तक पहुँच: सभी न्यायालयों व पुलिस थानों को दिव्यांग-अनुकूल बनाया जाए, ब्रेल संकेतक, टैक्टाइल पाथ व सांकेतिक भाषा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पुलिस अधिकारियों को दिव्यांग अधिकारों व संवेदनशील व्यवहार का नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
पेंशन वृद्धि: दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह किया जाए तथा सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराई जाए। बिना कारण किसी की पेंशन बंद न की जाए।
अमित कुमार यादव ने कहा कि यह माँग पूरे प्रदेश के लाखों दिव्यांगजनों के सम्मान, समान अवसर व संवैधानिक अधिकारों का प्रश्न है। उन्होंने सरकार, प्रशासन व समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे मिलकर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर कांग्रेस के नेता धरना स्थल पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया। पूर्व कार्यवाहक जिला अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी एटा ठाकुर अनिल सोलंकी ने शासन-प्रशासन से धरना स्थल पर साफ-सफाई व मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए फॉगिंग कराने की माँग भी उठाई। समर्थन देने वालों में रामकुमार सक्सेना सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी, नैना शर्मा (एडवोकेट)सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी , सुनील गौतम (एडवोकेट)जिला अध्यक्ष किसान कांग्रेस एटा, पुष्पेंद्र बघेल (एडवोकेट)अध्यक्ष विधान सभा मारहरा युवा कांग्रेस, सुशील शर्मा जिला उपाध्यक्ष राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, अभिषेक तोमर सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।















