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​भारतीय मीडिया फाउंडेशन(नेशनल )के संस्थापक एके बिंदुसार ने उठाई बुलंद आवाज़; पत्रकारों और प्रशासन के बीच ‘जिला समन्वय समिति’ बनाने का दिया ऐतिहासिक प्रस्ताव

*लोकतंत्र की रक्षा के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से ‘मार्मिक अपील’ उत्तर प्रदेश में तत्काल लागू हो ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’*
*​भारतीय मीडिया फाउंडेशन(नेशनल )के संस्थापक एके बिंदुसार ने उठाई बुलंद आवाज़; पत्रकारों और प्रशासन के बीच ‘जिला समन्वय समिति’ बनाने का दिया ऐतिहासिक प्रस्ताव*
*​कलम के सिपाहियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री जी के हस्तक्षेप की आस; प्रशासन और मीडिया के रिश्तों में पारदर्शिता की नई पहल;*

​लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के मान-सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार एके बिंदुसार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से एक बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक अपील की है। एटा मेडिकल कॉलेज में पत्रकार पंकज गुप्ता के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना, हाथरस में पत्रकार वेद प्रकाश शर्मा की नृशंस हत्या की पृष्ठभूमि में, बिंदुसार ने मुख्यमंत्री महोदय से प्रदेश के लाखों पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
​मुख्यमंत्री महोदय के न्यायप्रिय छवि पर अटूट विश्वास,
​एके बिंदुसार ने अपनी अपील में कहा कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश में ‘कानून का राज’ स्थापित होने की एक है। इसी न्यायप्रिय शासन व्यवस्था से अब प्रदेश के पत्रकारों को भी उम्मीद है। उन्होंने आग्रह किया कि:
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार ​सुरक्षा कानून की अनिवार्यता: पत्रकारों के विरुद्ध होने वाली हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ को तत्काल अमलीजामा पहनाया जाए।
​अधिकारियों को कड़े निर्देश: जिला स्तर पर जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को यह निर्देशित किया जाए कि पत्रकारों के साथ होने वाले किसी भी दुर्व्यवहार या हमले को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर लिया जाए।
​प्रशासनिक जवाबदेही के लिए ‘जिला समन्वय समिति’ का सुझाव,
​पत्रकारों और शासन-प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु बनाने के लिए एके बिंदुसार ने एक अत्यंत व्यावहारिक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक जिले में ‘पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी समन्वय समिति’ का गठन अनिवार्य किया जाए।
​इसका लाभ: इस समिति के माध्यम से किसी भी विवाद या शिकायत का त्वरित समाधान आपसी संवाद से हो सकेगा, जिससे एटा एवं हाथरस जैसी अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति रुकेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
​पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में जगी नई आशा
​एके बिंदुसार की इस गंभीर अपील ने प्रदेश के पत्रकार जगत और सामाजिक कार्यकर्ताओं में एक नई चेतना जागृत कर दी है। संगठन का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री महोदय इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो उत्तर प्रदेश पूरे देश के लिए ‘मीडिया सुरक्षा’ के मामले में एक मॉडल राज्य बनकर उभरेगा।
​प्रशासन के लिए सकारात्मक संदेश,
​बिंदुसार ने स्पष्ट किया कि मीडिया का लक्ष्य प्रशासन से टकराव नहीं, बल्कि समाज की बुराइयों को उजागर करना है। उन्होंने जिला पुलिस कमिश्नर और समस्त पुलिस कप्तानों से अपील की है कि वे पत्रकारों को अपना सहयोगी समझें, ताकि मिलकर एक स्वच्छ और अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
​भारतीय मीडिया फाउंडेशन को पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेंगे और प्रदेश के कलमकारों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करेंगे।

​ब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक बी एम एफ न्यूज़ नेटवर्क,
सत्य, साहस और समर्पण का प्रतीक

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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