रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
चोपन। आदिशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न प्रतिष्ठानों, औद्योगिक संस्थानों, वर्कशॉप, दुकानों एवं तकनीकी संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पूरे नगर में दिनभर भक्ति एवं उत्साह का माहौल बना रहा।विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर कारीगरों, मिस्त्रियों, वाहन मैकेनिकों, इलेक्ट्रिशियन, मशीनरी से जुड़े लोगों तथा विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों ने अपने औजारों एवं मशीनों की साफ-सफाई कर उन्हें पूजा स्थल पर रखा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान विश्वकर्मा का पूजन कर सुख-समृद्धि एवं कारोबार में उन्नति की कामना की गई। कई स्थानों पर आकर्षक ढंग से पूजा पंडाल सजाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। नगर के विभिन्न हिस्सों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। प्रतिष्ठानों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पुष्प, माला, फल, मिष्ठान एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, शिल्प, वास्तु एवं तकनीकी ज्ञान का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लोगों ने उनके आदर्शों को याद करते हुए मेहनत, हुनर और ईमानदारी के साथ अपने कार्य को करने का संकल्प लिया। नगर में जगह-जगह पूजा कार्यक्रमों के चलते दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा। शाम के समय कई पूजा स्थलों पर भजन-कीर्तन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान विश्वकर्मा की आरती की। पूजा समितियों एवं आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। कार्यक्रमों के दौरान नगर में आपसी भाईचारे और उत्साह का माहौल देखने को मिला।















