*नवरात्रि के व्रत में मिलावट का ‘जहर’! कुट्टू का आटा खाते ही एक परिवार के 7 लोग बीमार*
*रात में व्रत का भोजन कर सोए, सुबह उठते ही एक-एक कर अर्धबेहोशी में गिरने लगे; मारहरा सीएचसी में भर्ती कराना पड़ा पूरा परिवार**
*खाद्य विभाग की जांच शुरू, मिलावट की पुष्टि होना बाकी; सीएमओ बोले- कुट्टू का आटा खाने से हुई फूड पॉइजनिंग, सभी सातों खतरे से बाहर**
एटा/मारहरा।नवरात्रि में जिस व्रत के जरिए श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना करते हैं, उसी व्रत का भोजन एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। मारहरा में कुट्टू का आटा, सामा के चावल और अन्य व्रत सामग्री से बना भोजन खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों की तबीयत बिगड़ गई। रात में भोजन कर सभी सो गए, लेकिन सुबह उठते ही परिवार में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सदस्य एक-एक कर अर्धबेहोशी की हालत में गिरने लगे। आनन-फानन में सभी सात लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मारहरा में भर्ती कराया गया। सीएमओ के मुताबिक, कुट्टू का आटा खाने से फूड पॉइजनिंग हुई। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर है।
घटना ने नवरात्रि के दौरान बिक रही व्रत सामग्री की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, खाद्य सामग्री में मिलावट की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी, लेकिन एक ही परिवार के सात लोगों का एक साथ बीमार पड़ना मामले की गंभीरता बताने के लिए काफी है। सवाल यह है कि व्रत के नाम पर बिकने वाली सामग्री की शुद्धता की जांच कितनी गंभीरता से हो रही है और श्रद्धालुओं की सेहत की जिम्मेदारी कौन लेगा?
*रात को खाया व्रत का भोजन, सुबह अस्पताल पहुंचा परिवार*
जानकारी के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन परिवार के करीब सात सदस्यों ने व्रत रखा था। इसके लिए बाजार से कुट्टू का आटा, सामा के चावल और अन्य व्रत सामग्री खरीदी गई। शाम को घर में भोजन तैयार हुआ। परिवार ने साथ बैठकर भोजन किया और फिर सो गया। सुबह होते ही सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक अर्धबेहोशी की हालत में गिरने से परिजन घबरा गए। सभी को तत्काल सीएचसी मारहरा ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
*खाद्य निरीक्षक मौके पर, नमूनों की जांच पर टिकी नजर*
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कुट्टू का आटा खाने से फूड पॉइजनिंग हुई थी। परिवार के सभी सात लोगों का उपचार किया गया है और फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं।
जिला खाद्य अधिकारी विजय वर्मा ने बताया कि खाद्य निरीक्षक विमल कुमार को मौके पर भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी मिलावट का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*आस्था के पर्व पर सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त क्यों?*
नवरात्रि में कुट्टू का आटा, सामा के चावल और अन्य व्रत सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में बाजार में बिकने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना खाद्य सुरक्षा विभाग की अहम जिम्मेदारी है। इस घटना के बाद जरूरी है कि संबंधित दुकानों और आपूर्ति स्रोतों की जांच हो, संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लिए जाएं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाए।
*बड़ा सवाल:*
क्या व्रत सामग्री की नियमित जांच हो रही है? क्या बाजार में बिकने वाले कुट्टू के आटे की गुणवत्ता पर पर्याप्त निगरानी है? और अगर जांच में मिलावट सामने आती है, तो जिम्मेदारों पर सिर्फ कागजी कार्रवाई होगी या ऐसी कार्रवाई भी होगी, जिससे दोबारा किसी परिवार की जान जोखिम में न पड़े?














