*एटा के एक इंटर कॉलजे में “आदर्श” भ्रष्टाचार ?*
जनपद एटा के एक प्रसिद्ध इंटर कॉलेज से जुड़ा हुआ “आदर्श”
भ्रष्टाचार सामने आया है, जिसकी शुरुआत बोर्ड परीक्षाओं में नकल न होने देने के चलते जिले के एक अतिप्रसिद्ध इंटर कॉलजे से हुई है l
*दो बड़े इंटर कॉलेजों से शुरू हुआ “आदर्श” भ्रष्टाचार*
जिले के इस “आदर्श” भ्रष्टाचार की यात्रा की शुरुआत एटा शहर के जी.टी. रोड स्थित एक प्रतिष्ठित इंटर कॉलजे से होते हुए शिकोहाबाद रोड से सकीट वाले मार्ग पर स्थित एक इंटर कॉलजे तक पहुँच गई है, लेकिन ये यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं है l यात्रा का अंतिम पड़ाव सरकारी व्यवस्थाओं वाली इमारत में होना है जहाँ अभी हजार से ऊपर लोग रहते हैं l
*बिना डिग्री के शुरू हुआ करोड़ों का “आदर्श” भ्रष्टाचार?*
जिले का ये “आदर्श” भ्रष्टाचार बिना किसी डिग्री के शुरू हुआ है जो सरकारी नौकरी के आनंद के साथ
लगभग पिछले 25 वर्षो से लगातार जारी है l सूत्रों की मानें तो
एक मोटे अनुमान के अनुसार
अब तक लगभग ₹ 2 करोड़ या इससे अधिक इस “आदर्श” भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं l
*योजनाबद्ध तरीके से कारित किया गया “आदर्श” भ्रष्टाचार ,है अपराध*
कानून की दृष्टि से देखा जाए तो
योजनाबद्ध तरीके से कारित किया गया यह “आदर्श” भ्रष्टाचार , अपने आप में एक बड़ा आर्थिक अपराध है, जिसमें वेतन के रूप में करोड़ों राशि प्राप्त कर मुख्य लाभार्थी के साथ – साथ इस अपराध में उसका सहयोग कर साथ देने वाले भी बराबर अपराधी हैं l
*इस अपराध की गाथा कई नियमित एपिसोड के माध्यम से आप तक धीरे धीरे पहुंचाई जाएगी – अधिकारियों ने इस प्रकरण में अब तक क्या किया ? कब और कहां कैसे “आदर्श” नियुक्ति हुई ? कब मुख्य किरदार ने B.Ed की परीक्षा पास की और पहली फर्जी नियुक्ति दिलाने में कौन-कौन सहयोगी और मददगार रहे*
*सबका नम्बर आएगा, धीरे- धीरे किस्तों में आनंद लीजिए ?*
*पवन चतुर्वेदी*















