आगरा में ठगी के दो बड़े मामले, महिला से 7 लाख और बुजुर्ग के खाते से 9.80 लाख रुपये पार

एक मामले में कारोबार के नाम पर रुपये लेकर लौटाने से इनकार का आरोप, दूसरे में फेसबुक लिंक से फंसाकर बुजुर्ग की एफडी तक तुड़वाई
आगरा। शहर में ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। छत्ता क्षेत्र में एक महिला से दुकान के कारोबार के नाम पर करीब सात लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है, जबकि दूसरे मामले में साइबर ठगों ने कथित तौर पर फेसबुक पर फर्जी लिंक के जरिए एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाकर उसके खाते से करीब 9.80 लाख रुपये निकाल लिए। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कारोबार के नाम पर लिए लाखों रुपये, वापस मांगने पर धमकी का आरोप
पहला मामला थाना छत्ता क्षेत्र का है। यहां एक महिला ने भोले शर्मा, किक्की शर्मा, कल्लू, गीता और राकेश शर्मा के खिलाफ करीब सात लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने दुकान के कारोबार से संबंधित काम के नाम पर महिला से रकम ली थी। महिला का आरोप है कि भरोसे में लेकर उससे अलग-अलग तरीके से रुपये लिए गए। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उसके साथ अभद्रता की गई और धमकी भी दी गई। काफी प्रयास के बाद भी रकम वापस नहीं मिलने पर महिला ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर थाना छत्ता पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, रकम दिए जाने के तरीके और आरोपियों से महिला के संबंधों सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
फेसबुक के फर्जी लिंक से बुजुर्ग को बनाया निशाना
दूसरा मामला साइबर ठगी का है, जिसने ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। आरोप है कि साइबर ठगों ने फेसबुक पर फर्जी लिंक के जरिए अनूप कुमार अग्रवाल से संपर्क किया। बताया गया है कि ठगों ने खुद को पेंशन कार्ड से संबंधित जानकारी देने वाला बताकर पीड़ित से संपर्क किया। इसके बाद कथित तौर पर व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू की गई। ठगों ने बुजुर्ग को अलग-अलग निर्देश देते हुए उनकी नेट बैंकिंग चालू कराने की प्रक्रिया में शामिल किया।
पहले भरोसा जीता, फिर खाते से रकम उड़ाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, साइबर ठगों ने बातचीत के दौरान पीड़ित से ऐसी जानकारी और प्रक्रिया पूरी कराई, जिसके बाद उनके बैंक खाते तक पहुंच हासिल कर ली गई। आरोप है कि खाते में जमा करीब 10 लाख रुपये की एफडी भी तुड़वा दी गई। इसके बाद 16 अक्टूबर को कई ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 9.80 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए। जब पीड़ित को रकम निकलने की जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर रकम के लेनदेन, बैंक खातों और साइबर ठगों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
एक में भरोसे का फायदा, दूसरे में डिजिटल जाल
दोनों घटनाओं में ठगी का तरीका अलग है, लेकिन एक समानता साफ नजर आती है—भरोसे का फायदा उठाकर रकम हासिल करने का आरोप। एक मामले में कारोबार के नाम पर रकम लेने का आरोप है, जबकि दूसरे में साइबर ठगों ने पेंशन कार्ड और फेसबुक लिंक के बहाने बुजुर्ग को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम कहां और किन खातों में पहुंची।
आगरा में ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने सनसनी मचा दी है। छत्ता क्षेत्र में एक महिला ने पांच लोगों पर दुकान के कारोबार के नाम पर करीब 7 लाख रुपये लेने और वापस मांगने पर अभद्रता व धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं साइबर क्राइम थाने में दर्ज दूसरे मामले में बुजुर्ग अनूप कुमार अग्रवाल के खाते से कथित तौर पर फेसबुक के फर्जी लिंक और व्हाट्सएप चैट के जरिए 9.80 लाख रुपये निकालने का आरोप है। ठगों ने पेंशन कार्ड के नाम पर संपर्क किया और नेट बैंकिंग शुरू कराने के बाद खाते में जमा करीब 10 लाख रुपये की एफडी भी तुड़वाने का आरोप है। दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।













