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आगरा जनपद को 100, मथुरा-वृंदावन को 50 और फिरोजाबाद को मिलेंगी 25 ई-बसें, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: आगरा में चलेंगी 100 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें, सफर होगा सुगम और आरामदायक*

 

*आगरा जनपद को 100, मथुरा-वृंदावन को 50 और फिरोजाबाद को मिलेंगी 25 ई-बसें*

 

*जीसीसी मॉडल पर होगा संचालन, 9 मीटर की बस पर 35 लाख और 12 मीटर की बस पर 40 लाख रुपये तक का अनुदान*

 

*आगरा, 9 अक्टूबर।* ताजनगरी में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय के तहत आगरा को 100, मथुरा-वृंदावन को 50 और फिरोजाबाद को 25 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। इससे शहरों में यात्रियों को आवागमन के लिए आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।

 

*आगरा को मिलेंगी 100 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें*

 

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार, योजना के तहत आगरा में 100, मथुरा-वृंदावन में 50 और फिरोजाबाद में 25 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की वातानुकूलित बसें शामिल होंगी। बसों का संचालन 12 वर्ष के अनुबंध के तहत किया जाएगा। जीसीसी मॉडल में निजी ऑपरेटर बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशन के लिए जरूरी व्यवस्था, चालकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती और बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, यात्रियों से लिए जाने वाले किराये का निर्धारण सरकार करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के संचालन और रखरखाव को व्यवस्थित बनाना है।

 

*बसों की खरीद पर मिलेगा 35 से 40 लाख रुपये तक का अनुदान*

 

परियोजना के तहत निजी ऑपरेटरों को 9 मीटर लंबी प्रत्येक बस की खरीद पर 35 लाख रुपये और 12 मीटर लंबी बस की खरीद पर 40 लाख रुपये का सरकारी अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही डिपो निर्माण के लिए आवश्यक भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। योजना में उत्तर प्रदेश में निर्मित बसों को प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान भी शामिल है। इससे बस निर्माण से जुड़े स्थानीय उद्योगों को अवसर मिलने और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

*प्रदूषण में कमी और यात्रियों को बेहतर सुविधा का लक्ष्य*

 

वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में स्थानीय स्तर पर टेलपाइप उत्सर्जन नहीं करतीं। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने से शहरों में यातायात और प्रदूषण संबंधी चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिल सकती है। जीसीसी मॉडल के तहत निजी ऑपरेटरों की जिम्मेदारी तय होने से बसों के संचालन और रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे यात्रियों को समयबद्ध और बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

 

*वर्जन*

 

“योगी सरकार का यह फैसला शहर के पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिहाज से शानदार है। आधुनिक और सुव्यवस्थित ट्रांसपोर्ट सिस्टम से आगरा की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।”

 

— *अंबा प्रसाद गर्ग, उपाध्यक्ष, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स*

 

“जीसीसी मॉडल से निजी क्षेत्र की दक्षता का सीधा लाभ पब्लिक को मिलेगा। निजी ऑपरेटरों के जुड़ने से बसों का रखरखाव बेहतर होगा और यात्रियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी।”

 

— *मुकेश कुमार गर्ग, महामंत्री, आगरा महानगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन*

 

“शहर के जाम और गर्मी में सफर करना बहुत मुश्किल होता था। शहर में नई एसी इलेक्ट्रिक बसें चलने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का सफर अब बेहद सुरक्षित, सस्ता और आरामदायक हो जाएगा।”

 

— *ज्योति सिंह, आगरावासी*

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