*एटा में महाष्टमी एवं दशहरा महोत्सव की धूम*
*भक्ति और संस्कृति के रंगों से सजा विद्यालय परिसर नवदुर्गा पूजन, रामायण मंचन, गरबा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा सभी का मन*
एटा। सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, एटा में महाष्टमी एवं दशहरा महोत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण, रंग-बिरंगी सजावट और उत्सव की उमंग से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और बुराई पर अच्छाई की विजय के संदेश को विद्यार्थियों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया।
महोत्सव का विशेष आकर्षण विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण की उपस्थिति में विधि-विधान से संपन्न हुआ भव्य नवदुर्गा पूजन रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने स्कूल प्रबंधन के निदेशक शुभम यादव, डॉ. अजय नारायण तथा शिक्षकगण के साथ मां दुर्गा की आराधना की। मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और भक्तिमय वातावरण ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों, श्रद्धा और नैतिक आदर्शों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए गरबा और विभिन्न सांस्कृतिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक नृत्य-शैली, लयबद्ध कदमों और उत्साह से भरी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। गरबा की रंगीन छटा और संगीत की मधुर धुनों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में भारतीय लोक-संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
महोत्सव को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए अंतरसदनीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए पूरे उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रत्येक सदन ने अपनी रचनात्मकता, सामूहिक तालमेल और मंचीय कौशल का परिचय दिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग, नेतृत्व, आत्मविश्वास और टीम भावना का अद्भुत संगम दिखाई दिया। हर प्रस्तुति अपने आप में अनूठी रही और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
दशहरा महोत्सव के अवसर पर प्रस्तुत रामायण मंचन कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण रहा। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, माता सीता की गरिमा, लक्ष्मण की निष्ठा, हनुमान जी की भक्ति और रावण के अहंकार के प्रसंगों को प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया। पात्रों के संवाद, भाव-भंगिमाओं और मंच-सज्जा ने रामायण के प्रसंगों को सजीव बना दिया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को सत्य, धर्म, कर्तव्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। साथ ही, यह संदेश भी दिया कि अहंकार और अन्याय चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति, साहस, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। वहीं, दशहरा हमें अपने भीतर मौजूद क्रोध, अहंकार, लोभ और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। इस प्रकार आयोजन ने मनोरंजन के साथ-साथ विद्यार्थियों के नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सहभागिता, शिक्षकों के मार्गदर्शन और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। पूरे आयोजन में अनुशासन, समर्पण, रचनात्मकता और सामूहिक प्रयासों की सुंदर झलक देखने को मिली।
महाष्टमी एवं दशहरा महोत्सव ने सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, एटा के परिसर को भक्ति, संस्कृति और उल्लास के अनूठे संगम में बदल दिया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच बना, वहीं भारतीय परंपराओं से जुड़ने और जीवन में सत्य, सदाचार तथा नारी सम्मान जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी दे गया। उत्सव की यादगार प्रस्तुतियों और भक्तिमय वातावरण ने सभी के मन में एक सुखद एवं अविस्मरणीय छाप छोड़ी.















