एटा- 13 वीं अंतर्जनपदीय मलखंभ प्रतियोगिता–2026 का हुआ भव्य समापन। 🎖️*
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ0 इलामारन जि. द्वारा विजेता टीमों को बधाई देते हुए कहा गया कि खेलों से व्यक्ति में प्रतिस्पर्धा, एकता, अनुशासन एवं आत्मविश्वास की भावना विकसित होती है, जो पुलिस सेवा में अत्यंत आवश्यक है।*
———————————
एटा — आज दिनांक 16.10.2026 को पुलिस लाइन एटा में जनपद एटा की मेजबानी में आयोजित आगरा जोन की 13वीं अंतर्जनपदीय मलखंभ प्रतियोगिता–2026 का भव्य समापन समारोह बड़े उत्साह एवं खेल भावना के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ0 इलामारन जि. द्वारा विजेता एवं उपविजेता टीमों तथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया तथा खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन हेतु प्रेरणादायी संबोधन दिया गया तथा कहा गया कि —
“खेल भावना और अनुशासन किसी भी खिलाड़ी के जीवन के दो सबसे मजबूत स्तंभ हैं। अनुशासन के बिना प्रतिभा अधूरी है। खेल का मैदान हमें टीम भावना, धैर्य, साहस और नेतृत्व करना सिखाता है। जो सबक हम मैदान में सीखते हैं, वही सबक हमें जीवन के हर संघर्ष में जीत दिलाते हैं। इसलिए कहा जाता है – जो खिलाड़ी मैदान पर अनुशासित है, वही जीवन में सफल है।”
प्रतियोगिता में आगरा जोन के जनपदों— अलीगढ़, मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज एवं एटा की टीम द्वारा प्रतिभाग किया गया।
*प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे —*
विजेता टीम – एटा 🥇
उप विजेता टीम – मथुरा 🥈 ________________________
*सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन –*
सर्वांग सर्वोत्तम खिलाड़ी– का0 आयुष (जनपद एटा)
*व्यक्तिगत प्रतियोगिता में प्रदर्शन -*
प्रथम– का0 आयुष (जनपद एटा)
द्वितीय – का0 मनीष व का0 उमेश (जनपद एटा)
___________________________
समापन के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ0 इलामारन जि. द्वारा विजेता टीमों को बधाई देते हुए कहा गया कि खेलों से व्यक्ति में प्रतिस्पर्धा, एकता, अनुशासन एवं आत्मविश्वास की भावना विकसित होती है, जो पुलिस सेवा में अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर श्री संकल्पदीप कुशवाह, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन श्री किशन लाल गौतम सहित अन्य अधिकारीगण, पुलिसकर्मी, प्रतिभागी खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों को भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया गया।
*“जीत या हार से अधिक महत्वपूर्ण है खेल की भावना — यही सच्चे खिलाड़ी का धर्म है।”*















