वरिष्ठ संवाददाता सुरेश राजभर की खास रिपोर्ट।
वाराणसी: भरतपुर के परागडिह में विकास से वंचित सैकड़ों गरीब परिवार, प्रधान पर 20 साल से कब्जे और बदले की भावना से सुविधा रोकने का आरोप।
वाराणसी।
चोलापुर ब्लॉक के भरतपुर ग्राम पंचायत के परागडिह गांव का हाल बेहद चिंताजनक है। यहां सैकड़ों की संख्या में गरीब परिवार आज भी पक्के आवास, पक्की सड़क और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
ग्रामीणों ने मीडिया से गुहार लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पात्र होने के बावजूद आज तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। आरोप है कि आवास दिलाने के नाम पर प्रति आवास 10,000 रुपये की वसूली की मांग की जाती है।
इसी तरह उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए फॉर्म भरने के नाम पर आशा कार्यकर्ता द्वारा 500 रुपये वसूलने का भी आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
बस्ती की सबसे बड़ी समस्या रास्ता और पानी है। बस्ती तक जाने वाला लगभग 400 मीटर का रास्ता आज भी कच्चा है, जबकि इसी रास्ते से सैकड़ों परिवारों का रोजाना आना-जाना होता है। पूरे बस्ती में एक भी सरकारी हैंडपंप और जल निगम का नल नहीं लगा है, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान चुनाव में वोट न देने के कारण बदले की भावना से उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार प्रधान दबंग किस्म के व्यक्ति हैं और राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। सीट कोई भी हो, अपने करीबी को चुनाव लड़ा कर पिछले 20 वर्षों से प्रधान पद का कार्यकाल अप्रत्यक्ष रूप से वही चला रहे हैं और गांव में अपना कब्जा जमाए हुए हैं।
अब सवाल यह है कि इन गरीबों को न्याय कैसे मिलेगा और सरकार की योजनाओं का लाभ इन तक कब पहुंचेगा?
















